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America के Iran पर हमले से Russia हुआ नाराज, अब Trump-Putin में नहीं होगी फोन पर दुआ-सलाम  

रूस ने ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों की आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया तथा अधिकारियों ने कहा कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने में असफल रहे.

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क्रेमलिन ने रविवार को कहा कि ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी बमबारी के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से तत्काल बात करने की कोई योजना नहीं है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, 'ऐसी कोई योजना नहीं है.' हालांकि, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जल्दी से फोन पर बात की जा सकती है. 

रविवार को ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमलों के बाद ट्रंप और पुतिन के बीच फोन कॉल की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उनकी यह टिप्पणी आई. 

अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु स्थलों पर हमला किया, जिसका उद्देश्य देश के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना था.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है तो और हमले किए जा सकते हैं. 

विदेश मामलों की समिति ड्यूमा के अध्यक्ष, सांसद लियोनिद स्लटस्की का मानना ​​है कि सैन्य दृष्टिकोण से, ईरान पर ट्रम्प के हमले का कोई आधार या औचित्य नहीं था. 

स्लटस्की ने संवाददाताओं से कहा कि ट्रम्प को तेहरान में शासन परिवर्तन परिदृश्य में घसीटा गया है, ठीक वैसे ही जैसे इराक में हुआ था. 

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा क्योंकि उनका मानना ​​है कि अमेरिकी हमलों ने इसके महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया है. 

मेदवेदेव, जो वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष हैं, ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, 'ईरान में तीन स्थलों पर हमला करके अमेरिकियों ने क्या हासिल किया है? ऐसा लगता है कि परमाणु चक्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बिल्कुल भी या थोड़ा भी नुकसान नहीं पहुंचा है.'

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