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Germany on India-Pakistan Conflict: जर्मनी के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश पहलगाम में क्रूर आतंकी हमले के बाद बेहद व्यथित था. उन्होंने भारत की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि हर देश को अपनी आत्मरक्षा का पूरा हक है.
Germany on India-Pakistan Conflict: पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)' में की गई कार्रवाई को लेकर भारत को एक और देश का साथ मिल गया है. जर्मनी ने शुक्रवार को साफतौर पर कहा कि 22 अप्रैल को हुए क्रूर आतंकी हमले से हम स्तब्ध और व्यथित हैं. भारत को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का हर तरह का अधिकार है. जर्मन विदेश मंत्री जॉन वेडफुल (Johann Wadephul) ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग पर नियमित बातचीत होती रही है और आने वाले समय में इसे और मजबूत किया जाएगा.
'हम युद्धविराम लागू करने की भी सराहना करते हैं'
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बर्लिन में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे जर्मन विदेश मंत्री ने कहा,'हम आम नागरिकों पर इस हमले (पहलगाम आतंकी हमले) की कड़ी निंदा करते हैं. हमारी शोक संवेदना सभी पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ है. दोनों तरफ से मिलिट्री अटैक के बाद भारत को निश्चित तौर पर आतंकवाद से अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है. हालांकि यह भी फैक्ट है कि अब युद्धविराम लागू हो गया है, जिसकी हम बेहद सराहना करते हैं.'
भारत-पाक के बीच मध्यस्थता के प्रस्ताव को दबे सुर में किया खारिज
जर्मन विदेश मंत्री ने बिना किसी का नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी. उन्होंने कहा,'अब यह अहम है कि युद्धविराम लागू रहे और विवाद का द्विपक्षीय हल तलाशने के लिए वार्ता जारी रहे.' इसे भारत के नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है, जो लगातार साफ शब्दों में कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल द्विपक्षीय वार्ता ही करेगा. केंद्र सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ कोई भी वार्ता द्विपक्षीय होगी और केवल पाकिस्तानी कब्जे वाली कश्मीर पर ही बात होगी.
जयशंकर ने भी स्पष्ट किया द्विपक्षीय ही होगी बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,'भारत पाकिस्तान के साथ केवल द्विपक्षीय ही बात करेगा. इस मामले में किसी को भी कोई संशय नहीं रहना चाहिए.' जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान की तरफ से परमाणु बम के नाम पर ब्लैकमेल नहीं सहेगा. उन्होंने कहा,'मैं पहलगाम हमले को लेकर भारत के जवाब के तत्काल बाद बर्लिन आया हूं. भारत में आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है. भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा. हम जर्मनी के इस बात को समझने की सराहना करते हैं कि हर देश को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार है.'
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