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Russia के बाद US से भी भारत को हरी झंडी, जंग के खौफ में डूबे Pakistan ने फिर दी 'गीदड़ भभकी', 5 पॉइंट्स में पूरी बात

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का भारत ने बदला लेने का ऐलान किया है. इसके बारे में सभी प्रमुख देशों को भी बता दिया गया है. इसके बाद पाकिस्तान थर्राया हुआ है. पाकिस्तान ने अपनी संसद में भारत के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है.

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Russia के बाद US से भी भारत को हरी झंडी, जंग के खौफ में डूबे Pakistan ने फिर दी 'गीदड़ भभकी', 5 पॉइंट्स में पूरी बात
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Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के मददगारों को भारत ने नेस्तनाबूद करने का ऐलान किया है. इस हमले में 26 निर्दोष भारतीयों की हत्या पाकिस्तान से आए आतंकियों ने की है. ऐसे में भारत के ऐलान से पाकिस्तान थर्राया हुआ है. भारत ने अपने इरादों के बारे में अमेरिका, रूस, चीन समेत सभी प्रमुख देशों को भी बता दिया है, जिनकी सहमति भारत को मिलती जा रही है. पहले रूस ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान नहीं जाने से जुड़ी ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए भारत के इरादे को मौन सहमति दी. इसके बाद अमेरिका ने तो खुलेआम भारत का साथ दे दिया है. अमेरिका ने कहा है कि वह पहलगाम हमले के आतंकियों को दबोचने और नेस्तनाबूद करने में भारत की मदद करेगा. अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गाबार्ड ने शुक्रवार को कहा कि इस घड़ी में उनका देश भारत के साथ है और आतंकियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने में पूरी मदद करेगा. रूस और अमेरिका के इस रूख से पाकिस्तान और ज्यादा खौफजदा हो गया है. घबराए पाकिस्तान ने शुक्रवार को अपनी संसद की सीनेट (पाकिस्तानी संसद की राज्य सभा) में भारत के खिलाफ प्रस्ताव पारित करते हुए उसे फिर से 'गीदड़ भभकी' देने की कोशिश की है.

आइए आपको 5 पॉइंट्स में बताते हैं कि क्या है पूरा मामला-

1. तुलसी बोलीं- इस्लामी आतंकी हमले के खिलाफ हम भारत के साथ
अमेरिका की DNI तुलसी गाबार्ड भारतवंशी अमेरिकी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कई बार इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख दिखा चुके हैं. तुलसी भी शुक्रवार को उसी लाइन पर चलती दिखीं. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट लिखी. इस ट्वीट में तुलसी ने लिखा,'हम भारत के साथ इस भयावह इस्लामी आतंकी हमले के खिलाफ एकजुट हैं, जिसमें 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर पहलगाम में मार डाला गया है. अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के साथ मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं हैं. हम आपके साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दबोचने में आपका समर्थन करेंगे.' 

2. अमेरिकी विदेश विभाग भी बोला- हम भारत के साथ
तुलसी से पहले अमेरिकी विदेश विभाग (विदेश मंत्रालय) ने भी इस मामले में भारत का साथ देने का ऐलान किया था. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा था, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश सचिव मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि इस (पहलगाम हमले) मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. हम सभी तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हैं और मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं. साथ ही घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं. हम इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं.' ब्रूस ने इस दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार की बात सुनने से भी इंकार कर दिया, जो भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे माहौल के बारे में कुछ सवाल उठाने की कोशिश कर रहा था. इससे अमेरिका का रुख पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है.

3. पाकिस्तान अपनी संसद में लेकर आया भारत को धमकी देने वाला प्रस्ताव
पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत को एक बार फिर धमकी देने की कोशिश की. पाकिस्तान की सीनेट (उच्च सदन) ने डिप्टी पीएम इशाक डार की तरफ से पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें कश्मीर में हुए घातक हमले को इस्लामाबाद से जोड़ने के भारत के प्रयास को खारिज किया गया है. इस प्रस्ताव में आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा गया कि पाकिस्तान किसी भी आक्रमण के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है. इसे भारत के लिए धमकी वाला माना जा रहा है.

4. रूस ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान जाने से बचने की सलाह दी
रूस को भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे पर युद्ध शुरू होने का अंदेशा है. इस्लामाबाद स्थित रूसी दूतावास ने अपने नागरिकों को शुक्रवार को एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पाकिस्तान नहीं आने की सलाह दी गई है. रूसी दूतावास ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का नया दौर शुरू हो गया है. दोनों देशों की तरफ से आक्रामक बयानबाजी भी सामने आ रही है. ऐसे माहौल में रूसी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि हालात सामान्य होने तक वे पाकिस्तान की यात्रा करने से बचें.

5. भारत ने बना लिया पाकिस्तान का पानी रोकने का ब्लू प्रिंट
भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान का पानी रोकने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया. सिंधु जल संधि के तहत भारतीय नदियों से पाकिस्तान को मिलने वाला पानी रोकने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर एक बैठक हुई. इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल और कई अधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में पाकिस्तान जाने वाला पानी रोकने के लिए तीन चरण का प्लान तैयार किया गया. इसके पहले चरण में तुरंत यानी जितना पानी डायवर्ट करके रोक सकते हैं, उसे लागू किया जाएगा. मिड टर्म प्लान में बांधों की गाद निकालकर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी और लॉन्ग टर्म प्लान में पानी की हर बूंद पाकिस्तान जाने से रोकने के उपाय किए जाएंगे.

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