Advertisement

Pakistan के 100 साल पुराने मंदिर में क्यों पहुंचे भारत और US-UAE के 200 हिंदू श्रद्धालु?

यह वही मंदिर है जिसे 2020 में तोड़फोड़ के बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया था.

Pakistan के 100 साल पुराने मंदिर में क्यों पहुंचे भारत और US-UAE के 200 हिंदू श्रद्धालु?

Pakistan, Maharaja Paramhans Ji mandir (Photo-Twitter)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: भारत, अमेरिका (USA) और खाड़ी देशों (Gulf Countries) के 200 से अधिक हिंदू तीर्थयात्रियों ने शनिवार को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान (Pakistan) में 100 साल पुराने महाराजा परमहंस जी मंदिर (Maharaja Paramhans Ji temple) में दर्शन किए.

श्रद्धालुओं के दर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए 600 कर्मियों की तैनाती की गई थी. खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के टेरी गांव में परमहंस जी के मंदिर और 'समाधि' का पिछले साल जीर्णोद्धार किया गया था. हिंदुओं के इस समूह में देश के लगभग 200 श्रद्धालु थे, जबकि दुबई से पंद्रह, बाकी अमेरिका और अन्य खाड़ी राज्यों से थे. 

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक पाकिस्तानी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि भारतीय यात्रियों ने लाहौर के पास वाघा सीमा पार किया और सशस्त्र कर्मियों ने उन्हें मंदिर तक पहुंचाया. इस कार्यक्रम का आयोजन पाकिस्तानी हिंदू काउंसिल द्वारा पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के सहयोग से किया गया. 

इसी मंदिर में उपद्रवियों ने की थी तोड़फोड़

टेरी गांव में महाराजा परमहंस का 1919 में निधन हो गया था. करक के टेरी गांव में मंदिर परमहंस जी महाराज को समर्पित है जो एक हिंदू संत थे. उनका निधन 1919 में हुआ था. यहीं उनका समाधि स्थल है. यह वही मंदिर है जिसे 2020 में तोड़फोड़ के बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया था.

यह भी पढ़ें-
महिलाओं के खिलाफ अपराध भगवान का अपमान, नए साल पर बोले Pope Francis
साउथ अफ्रीका में नाइट कर्फ्यू खत्म, बड़ी तबाही के बिना कमजोर हुआ Omicron, भारत के लिए Good News

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement