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टोक्यो में बढ़ते Covid के मामलों के बीच आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का इलाज़ करने में रोबोट सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
डीएनए हिंदी: पूरी दुनिया में Covid के बढ़ते केस सरकारों के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं. जापान (Japan) में भी इस वक्त कुछ ऐसी ही स्थिति है जहां की राजधानी टोक्यो (Tokyo) में प्रतिदिन करीब 10,000 से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं लेकिन टोक्यो इस चुनौती की घड़ी में भी मरीजों की जान बचाने में तकनीक का सहारा ले रहा है जिसमें बड़ी भूमिका रोबोट (Robot) की है. टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने ओलंपिक के दौरान इजात की गई सुविधाओं को आम जनता और कोविड मरीजों के लिए प्रयोग कर रही है. इसमें रोबोट की भी मदद शामिल है.
टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने ओलंपिक के दौरान इजात की गई सुविधाओं को आम जनता और कोविड मरीजों के लिए प्रयोग कर रही है. इसमें रोबोट की भी मदद शामिल है. सरकार द्वारा बनाए गए टोक्यो स्पोर्ट्स स्क्वायर में एक बिस्तर, एक टीवी और एक डेस्क के साथ 350 अलग- अलग कमरे हैं. साथ ही एक बड़े स्क्रीन टीवी और ई-बुक की सुविधाएं हैं. इतना ही नहीं टेलीफोन की सुविधा भी दी गई है. खास बात यह है कि लोगों की निगरानी रोबोट सुविधा में गश्त कर रहा है और दिन में डॉक्टर के साथ नर्सें भी 24 घंटे मौजूद हैं.
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टोक्यो सरकार द्वारा दी जा रही इस सुविधा का उद्देश्य मरीजों को सामान्य दैनिक जीवन का वातावरण प्रदान करना और संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन (Home Isolation) की सुविधा उपलब्ध कराना है जिससे वो अपने परिजनों के लिए मुसीबतें न खड़ी करें. वहीं इस सुविधा को लेकर टोक्यो की गवर्नर युरिको कोइके (Yuriko Koike) ने कहा, "यह सुविधा उन मॉडल मामलों में से एक है, जो विभिन्न उपायों और प्रयासों के माध्यम से हमें सुरक्षित रखने के लिए कारगर हैं. यहां मरीज सुरक्षित और आरामदायक महसूस कर सकते हैं."
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टोक्यो की गवर्नर ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग बच्चों और वरिष्ठों सहित परिवार के सदस्यों को संक्रमित न कर सकें.” उन्होंने कहा, “महानगर सरकार फरवरी की शुरुआत में तचिकावा शहर में लगभग 650 बिस्तरों के साथ इसी तरह की सुविधा खोलेगी. मेट्रोपॉलिटन सरकार वर्तमान में हल्के लक्षणों वाले रोगियों के लिए होटलों या अन्य आवास सुविधाओं में 4,760 कमरे संचालित कर रही है. उन कमरों में अब करीब 2700 मरीज आइसोलेशन में स्वस्थ हो रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले आसमान छू रहे हैं और कई नए मरीजों ने ऐसे आवासों में रहने से मना कर दिया है. राजधानी में घर पर आइसोलेशन से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 24,000 पहुंच गई है.