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धार्मिक प्रतीक फ्रांस में एक अरसे से विवादों के केंद्र में रहे हैं. फ्रांस एक कट्टर धर्मनिरपेक्ष देश है.
डीएनए हिंदी: फ्रांस में अब स्पोर्ट्स इवेंट के दौरान महिला खिलाड़ी हिजाब नहीं पहन सकेंगी. खेल प्रतियोगिताओं में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने वाला एक ड्राफ्ट फ्रांस की नेशनल असेंबली में पारित हो जाएगा. निचले सदन ने बुधवार को बिल पर वोट देने से इनकार कर दिया था. अब कानून बन जाएगा. फ्रांस सरकार का दावा है कि यह बिल खेल को लोकतंत्रीकरण करेगा. इसी के जरिए स्पोर्ट फेडरेशन को नियंत्रित किया जाएगा.
बिल का मकसद है कि स्पोर्ट्स इवेंट के दौरान धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करना बैन होगा. फ्रेंच सीनेट में दक्षिणपंथी रिपब्लिकन पार्टी का वर्चस्व है. इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने इस कदम का विरोध किया है. उनकी सहयोगी पार्टियों ने भी इस पर ऐतराज जताया है. अंतिम वोट का अधिकार उन्हीं के पास है.
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कट्टर सेक्युलर देश है फ्रांस!
फ्रांस में हिजाब हमेशा से विवादों के केंद्र में रहा है. धार्मिक प्रतीकों के सार्वजनिक इस्तेमाल पर हमेशा से बहस चलती रही है. फ्रांस एक कट्टर धर्मनिरपेक्ष देश है. मुस्लिम अल्पसंख्यकों का सबसे बड़ा घर फ्रांस को कहा जाता है. ऐसे में दक्षिण पार्टियां सेक्युलर कानूनों का पालन कराना चाहती हैं वहीं उदारवादी पार्टियां इसका विरोध करती रही है.
फ्रांस में हिजाब पर होती रही है राजनीति
फ्रांस की राजनीति में इस्लाम और आइडेंटिटी, दो प्रमुख मुद्दे रहे हैं. अप्रैल में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले लगातार इन पर बहस होती रही है. दक्षिणपंथी उम्मीदवारों का कहना है कि इस्लाम का यहां उदारीकण होना चाहिए. 35 फीसदी से ज्यादा वोटर ऐसे हैं जिन्हें कट्टरपंथ विरोधी समझा जाता है.
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