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Elon Musk का ड्रीम प्रोजेक्ट फिर फेल, SpaceX का दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट Starship से लौटते समय क्रैश

Starship Super Heavy Rocket Crash: एलन मस्क की कंपनी अपने स्टारशिप के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट का टेस्ट कर रही है. यह इस रॉकेट की 9वीं टेस्ट फ्लाइट थी. इस बार रॉकेट ने कुछ अहम पड़ाव पार किए थे, लेकिन वापस लौटते समय स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया.

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Elon Musk का ड्रीम प्रोजेक्ट फिर फेल, SpaceX का दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट Starship से लौटते समय क्रैश
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Starship Super Heavy Rocket Crash: दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क (Elon Musk) के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्टारशिप' ने एक नया पड़ाव पार कर लिया, लेकिन सबसे शक्तिशाली रॉकेट की टेस्ट फ्लाइट वापस लौटते समय फेल हो गई है. मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने बुधवार सुबह करीब 5 बजे (भारतीय समयानुसार) अपने स्टारशिप सुपर हैवी रॉकेट (Starship Super Heavy Rocket) की टेस्ट फ्लाइट लॉन्च की. यह इस रॉकेट की 9वीं टेस्ट फ्लाइट थी, जिसे कंपनी के साउथ टेक्सास के बोका चीका बीच स्थित स्टारबेस (Starbase) लॉन्च साइट से छोड़ा गया. स्टारशिप फ्लाइट 9 (Starship Flight 9) के नाम से हुए इस लॉन्च में कुछ समय बाद ही स्टारशिप ने अपना कंट्रोल खोल दिया और वह पृथ्वी के वातावरण में क्रैश हो गया. हालांकि इस दौरान स्टारशिप फ्लाइट के कई अहम पड़ाव पार करने का दावा स्पेसएक्स की तरफ से किया गया है.

करीब 1 घंटे तक चला टेस्ट
स्टारशिप फ्लाइट 9 का टेस्ट क्रैश होने से पहले करीब 1.06 घंटे तक चला. इसे हिंद महासागर में उतरना था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों के कारण यह मिशन सफल नहीं हो सका और क्रेश होने के कारण नष्ट हो गया. स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस मिशन की जानकारी दी. इसमें कहा गया कि पिछली बार की तुलना में इस बार स्टारशिप ने कुछ ज्यादा मील के पत्थर पार किए हैं. लेकिन कुछ समस्याओं के कारण टेक्निक्ल परफॉर्मेंस प्रभावित हुई. इसकी जांच की जाएगी कि क्या गलत हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर यह पहले से अच्छा है, क्योंकि पिछली दो टेस्ट फ्लाइट 10 मिनट से भी कम समय में फेल हो गई थीं.

इस बार उड़ान में हुए ये काम
स्पेसएक्स ने इस उड़ान में सुपर हैवी बूस्टर और शिप 35 का उपयोग किया था. इस रॉकेट में 33 रैप्टर इंजन लगे होते हैं. इस बार फ्लाइट में 29 इंजन सफलतापूर्वक शुरू किए गए. साथ ही स्टेज सेपरेशन की नई तकनीक 'हॉट स्टेजिंग' की प्रक्रिया भी पूरी की. स्पेसएक्स का मानना है कि इस फ्लाइट से मिले अनुभव अगले मिशनों में बेहद काम आएंगे.

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