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LAC पर चीनी वायु सेना की नापाक हरकत, इसी कारण बाली में चीनी विदेश मंत्री से नाराज थे जयशंकर

पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना के इरादे नेक नहीं हैं. एकतरफ उनके विदेश मंत्री भारत के साथ संबंध सुधारने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ उनकी सेना लगातार LAC के करीब जमावड़ा बढ़ा रही है. अब चीनी सेना ने अपने फाइटर जेट्स से सीमा पर दबाव बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है.

LAC पर चीनी वायु सेना की नापाक हरकत, इसी कारण बाली में चीनी विदेश मंत्री से नाराज थे जयशंकर
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डीएनए हिंदी: इंडोनेशिया के बाली में जी-20 देशों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर का चीन के विदेश मंत्री वांग यी के सामने नाराज होने का कारण स्पष्ट होता दिख रहा है. दरअसल कुछ दिन पहले चीन की सेना ने एक बार फिर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर एक ऐसी हरकत की थी, जिससे दोनों देशों के जवानों का खून एक बार फिर बह सकता था. 

जयशंकर ने वांग से दोनों देशों के संबंध सामान्य करने के लिए चीनी सेना के LAC छोड़ने की जरूरत बताई थी. माना जा रहा है उनका इशारा इसी घटना की तरफ था. 

LAC के करीब लेकर पहुंच गए थे फाइटर जेट

दरअसल चीन LAC के करीब अपने एरिया में युद्धाभ्यास कर रहा है. इस दौरान उसके फाइटर जेट भी लगातार तिब्बत के दुर्गम हालात में उड़ान भरने का अभ्यास कर रहे हैं. अभ्यास के दौरान जून के आखिरी हफ्ते में एक चीनी फाइटर जेट उड़ान भरते हुए सीधे LAC पर पहुंच गया. चीनी विमान को भारतीय सीमा में एंट्री करते देखकर भारतीय फाइटर जेट्स ने भी दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से उड़ान भरने की तैयारी कर ली. साथ ही वहां तैनात किए गए मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया. इसके बाद चीनी जेट वापस मुड़ गया. 

सेना ने पब्लिक नहीं किया इस घटना को

भारतीय सेना की तरफ से चीन की इस उकसावे वाली हरकत की जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई थी, लेकिन इसे पब्लिक नहीं किया गया था. ANI news की रिपोर्ट के मुताबिक, अब यह जानकारी कुछ सोर्स के जरिए सामने आई है. सोर्सेज का कहना है कि भारतीय सेना की तरफ से अपने चैनल के जरिए इस घटना को लेकर चीन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है. 

तीन साल से आमने-सामने हैं दोनों देशों की सेनाएं

पूर्वी लद्दाख में LAC पर भारत और चीन की सेनाएं तीन साल से आमने-सामने डटी हुई हैं. इसकी शुरुआत कोरोना वायरस महामारी के दौरान उस समय शुरू हुई थी, जब चीनी सेना ने जबरन सीमा पर स्थिति को बदलने की कोशिश की थी. इसके चलते गलवान घाटी में दोनों देशों  के जवानों के बीच जून 2020 में हिंसक संघर्ष हुआ था, जिसमें 20 भारतीय जवानों की मौत हो गई थी. चीनी सेना के भी कई जवान मारे गए थे, लेकिन चीन ने आज तक इनकी सही संख्या नहीं बताई है. तब से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए सेना और राजनयिक स्तर पर वार्ताओं के दौर चल रहे हैं. 

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