Advertisement

Shehbaz Sharif के पीएम बनने पर Pakistan के बेस्ट फ्रेंड China ने दिया ऐसा रिएक्शन

China Pakistan Relations: झाओ लिजियान ने कहा, “हम शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर बधाई देते हैं.”

Shehbaz Sharif के पीएम बनने पर Pakistan के बेस्ट फ्रेंड China ने दिया ऐसा रिएक्शन

Chinese President Xi Jingping

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: चीन ने मंगलवार को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बधाई दी और कहा कि एक-दूसरे का “दृढ़ता से” समर्थन करके संबंधों को मजबूत करने के अलावा बीजिंग 60 अरब अमेरिकी डालर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के “उच्च गुणवत्ता” युक्त निर्माण के लिए तत्पर है. पाकिस्तान की संसद ने सोमवार को देश के 23वें प्रधानमंत्री के तौर पर शरीफ को निर्विरोध निर्वाचित किया.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “हम शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर बधाई देते हैं.” उन्होंने कहा, “चीन और पाकिस्तान ठोस और अटूट संबंधों के साथ हर मौसम में रणनीतिक और व्यापक सहयोग के साझेदार हैं.”

उन्होंने कहा, “चीन पाकिस्तानी पक्ष के साथ मिलकर काम करने, हमारी पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के आधार पर एक-दूसरे का समर्थन करने और नए युग में साझा भविष्य के चीन-पाक समुदाय को और भी करीब लाने के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाले सीपीईसी के निर्माण के लिए तत्पर है.”

पढ़ें- Pakistan के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ संबंधों पर दिया बड़ा बयान

चीन के आधिकारिक मीडिया ने कहा था कि दोनों देशों के बीच संबंध शरीफ के कार्यकाल में पूर्ववर्ती इमरान खान की सरकार से भी बेहतर होंगे. अपने विजयी भाषण में शरीफ ने चीन-पाकिस्तान संबंधों का जमकर उल्लेख किया था. उन्होंने चीन के साथ विशेष संबंधों के बारे में बात की और कम्युनिस्ट देश (चीन) को “सबसे वफादार दोस्त और अच्छे-बुरे दौर का साझेदार” कहा.

पढ़ें- Pak PM शहबाज शरीफ कर चुके हैं 5 शादियां, 3 बीवियों को दिया तलाक, पढ़िए किसके लिए बनवाया 'हनी ब्रिज'

सीपीईसी परियोजनाओं पर काम तेज करने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, “चाहे कुछ भी हो जाए, कोई भी दोनों देशों को उनकी दोस्ती से वंचित नहीं कर सकता। यह दोस्ती कयामत के दिन तक चलेगी.” चीन को इमरान खान को लेकर आपत्ति थी क्योंकि वह विपक्ष में रहने के दौरान सीपीईसी के आलोचक थे और बाद में प्रधानमंत्री बनने पर उसके बड़े प्रशंसक बन गए.

पढ़ें- कौन है Tulsi Gabbard? जो बनी थीं अमेरिका में पहली हिंदू सांसद

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement