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'PM भीख मांगने नहीं गए'... चीन दौरे पर सवाल से भड़के बांग्लादेशी विदेश मंत्री, कहा- शर्मिंदगी होती है

Bangladesh PM: ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री खलीलुर रहमान मीडिया के सवालों पर नाराज हो गए. उन्होंने कहा, PM तारिक रहमान भीख का कटोरा लेकर चीन नहीं गए हैं. उन्होंने स इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहायता मांगना नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है.

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'PM भीख मांगने नहीं गए'... चीन दौरे पर सवाल से भड़के बांग्लादेशी विदेश मंत्री, कहा- शर्मिंदगी होती है

Bangladesh PM China Visit (AI Image)

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Bangladesh PM China Visit, Tarique Rahman: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान पांच दिवसीय चीन दौरे पर हैं, उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब बांग्लादेश की नई सरकार चीन के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है. लेकिन, इस दौरे को लेकर बांग्लादेश की मीडिया में कुछ अलग ही चल रहा है. ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री खलीलुर रहमान मीडिया के सवालों पर नाराज हो गए. उन्होंने कहा, PM तारिक रहमान भीख का कटोरा लेकर चीन नहीं गए हैं. उन्होंने स इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहायता मांगना नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना और भविष्य में सहयोग की दिशा, स्वरूप और दायरा तय करना है.

क्या है पूरा मामला? 

बांग्लादेश की राजधानी ढाका (Dhaka) में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से PM तारिक रहमान की हालिया चीन यात्रा से हुए ठोस फायदों के बारे में पूछा गया तो वह भड़क गए, उन्होंने इस तरह के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों से थोड़ा आत्म-सम्मान बनाए रखने को कहा, उन्होंने कहा ऐसे सवाल उन्हें शर्मिंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री "वहां भीख का कटोरा लेकर नहीं गए थे. उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय संबंधों की दिशा, स्तर, दायरा और गहराई तय करना था.   

सरकार का कोई प्रमुख दूसरे देश से भीख मांगने नहीं जाता 

खलीलुर रहमान ने कहा आपने कैश मिलने की बात की, ऐसे सवाल मत पूछें हमें बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है. यहां वे भीख मांगने नहीं गए हैं, वे दो देशों के बीच रिश्तों की दिशा, उसका स्वरूप, उसका दायरा और गहराई तय करने गए हैं. बाकी की बातें बाद में होंगी. उन्होंने कहा सरकार का कोई प्रमुख दूसरे देश के प्रमुख के साथ कभी कागज़-पेंसिल लेकर नहीं बैठता और न ही भीख मांगने जाता है. हमें दूसरी जगहों पर ऐसा भरोसा नहीं है और यह बहुत पेचीदा सवाल है. 

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