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Bangladesh Hindu Attacks: ढाका में Iskcon विरोधी प्रदर्शन के बीच हिंदुओं पर एक और प्रहार, सीज किए गए इन लोगों के बैंक खाते

Bangladesh Hindu Attacks: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं का दमन जारी है. मंदिरों में तोड़फोड़ करने के साथ ही हिंदुओं से मारपीट हो रही है. इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले संत चिन्मय कृष्णदास प्रभु को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

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Bangladesh Hindu Attacks: ढाका में Iskcon विरोधी प्रदर्शन के बीच हिंदुओं पर एक और प्रहार, सीज किए गए इन लोगों के बैंक खाते
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Bangladesh Hindu Attacks: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के बीच इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. हिंदुओं के दमन के खिलाफ आवाज उठाने वाले संत चिन्मय कृष्णदास प्रभु को राजद्रोह के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बाद शुक्रवार को हिंदुओं की तरफ से किए जा रहे विरोध को कुचलने के लिए अंतरिम प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस की सरकार ने एक और कठोर कदम उठाया है. यूनुस सरकार के आदेश पर बांग्लादेश बैंक की वित्तीय खुफिया इकाई (BFIU) ने चिन्मय कृष्णदास प्रभु समेत हिंदू आंदोलनों से जुड़े 17 लोगों के बैंक खाते एक महीने के लिए फ्रीज करने का निर्देश जारी कर दिया है. बीएफआईयू ने इन 17 लोगों के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट समेत सभी तरह की जानकारी भी अगले तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिए हैं. यह जानकारी इन बैंक खातों और इन लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत मांगी गई है. उधर, इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ कृष्णा कन्साइयूसनेस (ISKCON) के खिलाफ शुक्रवार को ढाका में प्रदर्शन हुआ है और उसे आतंकी संगठन घोषित करने की मांग कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों ने की है.

इस्कॉन के खिलाफ याचिका खारिज होने पर सीज किए हैं खाते
PTI के मुताबिक, BFIU ने चिन्मय कृष्णदास प्रभु और अन्य हिंदू नेताओं के खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है. यह निर्देश इस्कॉन बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका हाई कोर्ट में खारिज होने के बाद दिया गया है. दरअसल चिन्मय कृष्णदास और 19 लोगों के खिलाफ चटगांव के कोतवाली पुलिस थाने में देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था. यह केस 30 अक्टूबर को दर्ज हुआ था, जिसमें इन सभी पर चटगांव के न्यू मार्केट इलाके में हिंदू समुदाय की रैली के दौरान बांग्लादेशी राष्ट्रीय झंडे के अपमान का आरोप लगाया गया था. चिन्मय कृष्णदास को सोमवार (25 नवंबर) की दोपहर को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की जासूसी शाखा ने हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया था. उन पर राष्ट्रद्रोह का आरोप लगाया गया था. इस मामले में कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. चिन्मय की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने अदालत के बाहर जबरदस्त प्रोटेस्ट किया था, जिसमें पुलिस के साथ झड़प के दौरान एक वकील की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही बांग्लादेश की मुहम्मद यूनूस सरकार चिन्मय कृष्णदास को जेल में ठूंसने के लिए पूरी कोशिश कर रही है.

ढाका में शुक्रवार को भी हुआ जबरदस्त प्रदर्शन
इस्कॉन बांग्लादेश को आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगाने की मांग कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों ने शुक्रवार को भी जारी रखी है. हिफाजत-ए-इस्लाम संगठन के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शुक्रवार को ढाका में बितुल मुकर्रम मस्जिद के उत्तरी गेट के बाहर जमा हुए. हाथों में संगठन और इस्लाम के झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की भीड़ इस्लामिक नारे लगाते हुए भारी संख्या में तैनात पुलिस फोर्स से भिड़ गई. हालांकि इस्कॉन बांग्लादेश ने एक बार फिर उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें चटगांव में वकील की हत्या और पूरे देश में चल रहे प्रदर्शनों को उससे जोड़ने की कोशिश की गई थी.

भारत फिर बोला- बांग्लादेश उठाए ठोक कदम
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर बांग्लादेश को हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर चेतावनी दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा लगातार वहां की सरकार के सामने उठा रहा है. अंतरिम बांग्लादेशी सरकार को सभी अल्पसंख्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. हमें वहा बढ़ रहे कट्टरपंथी उन्मांद को लेकर चिंता में हैं. चिन्मय कृष्ण दास जैसे अल्पसंख्यक नेताओं के खिलाफ भारत ने साफसुथरी न्यायिक प्रक्रिया अपनाए जाने की मांग की है.

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