दुनिया
Bakrid 2025: मोरक्को में इस साल बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है. करीब 99 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस देश के फैसले पर दुनिया भर के मौलवियों ने ऐतराज जताया है, लेकिन मोरक्को के राजा ने एक खास कारण बताते हुए फैसला बरकरार रखा है.
Bakrid 2025: पूरी दुनिया में ईद उल अजहा (Eid Ul Adha) यानी बकरीद का इंतजार मुस्लिम समुदाय पूरे साल करता है. बकरीद पर अल्लाह की शान में जानवरों की कुर्बानी देना एक अहम परंपरा माना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को में बकरीद पर मुस्लिम समुदाय कुर्बानी नहीं दे पाएगा. करीब 99 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस देश में जानवरों की कुर्बानी देने पर इस बार के लिए रोक लगा दी गई है, जिसने पूरी दुनिया में इस्लाम धर्म के मानने वालों को हैरानी में डाल दिया है. कई मुस्लिम देशों के मौलवियों ने इस पर ऐतराज जताते हुए मोरक्को के राजा मोहम्मद VI से अपना फैसला वापस लेने की अपील की है, लेकिन मोरक्को सरकार ने इससे इंकार कर दिया है. राजा मोहम्मद ने सख्त आदेश जारी किया है कि कोई भी नागरिक ईद पर बकरे या अन्य जानवरी की कुर्बानी ना करे. इस आदेश के बाद देश की पुलिस और फौज लोगों के घरों में घुसकर कुर्बानी के लिए लाए गए बकरे व अन्य जानवर जब्त कर रही है. महज 5 महीने पहले ही मोरक्को सरकार ने अगले 5 साल के दौरान देश में 30 लाख कुत्ते मारने का टारगेट तय किया था. ऐसे में अचानक मोरक्को सरकार में जागे इस 'पशु प्रेम' का कारण चलिए हम बताते हैं.
छह साल से भयंकर सूखे से जूझ रहा है मोरक्को
उत्तर अफ्रीका में पिछले कई साल से कम बारिश के चलते लगभग सभी देशों में सूखे की समस्या बनी हुई है. मोरक्को में भी 6 साल से भयंकर सूखा पड़ा रहा है. इसके चलते एकतरफ फसली उत्पादन लगातार घटती जा रही हैं, वहीं चारे की कमी के कारण देश में पशुओं की संख्या भी बेहद कम हो गई है. इसी कारण राजा मोहम्मद VI ने लोगों को इसी हफ्ते आ रहे बकरीद के त्योहार को कुर्बानी देने के बजाय केवल इबादत और दान करके ईद की खुशियां मनाने का आदेश दिया है.
घरों में घुसकर जानवरों को किया जा रहा है जब्त
सरकार के इस आदेश के बाद पुलिस और फौज के जवान कई शहरों में घरों में घुसकर कु्र्बानी के लिए रखी गई भेड़ व अन्य पशु जब्त कर रहे हैं. इसके कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें पुलिस के जवान जबरन भेड़ छीनते हुए दिख रहे हैं. हालांकि DNA Hindi इन वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. पुलिस के इस कदम के खिलाफ लोगों में आक्रोश फैल गया है और जगह-जगह प्रदर्शन भी हो रहे हैं. कई मुस्लिम देशों के मौलवियों ने धार्मिक रीति-रिवाजों में मोरक्को सरकार के इस तरह हस्तक्षेप की आलोचना की है. इसे लोगों के धार्मिक विश्वासों का अपमान बताया जा रहा है. साथ ही सरकार पर महंगाई रोकने में अपनी विफलता से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश बताया जा रहा है. हालांकि मोरक्को सरकार ने इन आलोचनाओं को खारिज किया है.
अब पशु बचा रहे, 5 महीने पहले फीफा वर्ल्ड कप के लिए मार रहे थे कुत्ते
अब पशुओं को बचाने का तर्क दे रही मोरक्को सरकार ने महज 5 महीने पहले ही देश में 30 लाख कुत्ते मारने की योजना तैयार की थी. ये कुत्ते फीफा वर्ल्ड कप 2030 (FIFA World Cup 2030) से पहले मारे जाने थे, जिसके आयोजन में मोरक्को भी स्पेन और पुर्तगाल के साथ सह-मेजबान है. मोरक्को को उम्मीद है कि फुटबॉल वर्ल्ड कप के मैच देखने के लिए पूरी दुनिया से टूरिस्ट उनके देश में आएंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को बूस्टअप मिलेगा और देश के टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. इस कारण देश को साफ-सुथरा बनाने के लिए इस साल जनवरी में 30 लाख आवारा कुत्ते मारने की योजना बनाई गई थी, जिसे साल 2030 में वर्ल्ड कप से पहले तक पूरा किया जाना है. हालांकि इस योजना के सामने आने के बाद पूरी दुनिया के पशु प्रेमियों ने मोरक्को सरकार की आलोचना की थी. मशहूर पशु अधिकार कार्यकर्ता जेन गुडॉल ने इस मुद्दे को इंटरनेशनल फुटबॉल फेडरेशन के सामने भी उठाया था.
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