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एसएफजे के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कॉमेडियन कपिल शर्मा को धमकी दी है. यह धमकी कपिल शर्मा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित नए खुले रेस्तरां, कप्स कैफे पर बुधवार रात अज्ञात लोगों द्वारा की गई गोलीबारी के कुछ दिनों बाद आई है.
खालिस्तान समर्थक अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कॉमेडियन कपिल शर्मा को धमकी देते हुए कहा है कि, 'कनाडा तुम्हारा खेल का मैदान नहीं है.' पन्नू ने कपिल को 'अपनी कमाई हिंदुस्तान वापस ले जाने' की धमकी दी है. एक वीडियो संदेश में, पन्नू, जिन्हें 2019 में गृह मंत्रालय द्वारा 'आतंकवादी' घोषित किया गया था, ने कपिल पर कनाडा में व्यापार करने के बहाने हिंदुत्व विचारधारा को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया और कहा कि देश अपनी धरती पर ऐसे विचारों को पनपने नहीं देगा.
यह धमकी कपिल शर्मा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित नए खुले रेस्टोरेंट, कैप्स कैफे पर बुधवार रात अज्ञात लोगों द्वारा की गई गोलीबारी के कुछ दिनों बाद आई है. प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े हरजीत सिंह लाडी और तूफान सिंह ने हमले की जिम्मेदारी ली है.
बता दें कि कनाडा सरकार ने बीकेआई को एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी है. लाडी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मोस्ट वांटेड सूची में है.पन्नून ने कपिल शर्मा को दिए गए धमकी भरे संदेश में कहा, 'कनाडा तुम्हारा खेल का मैदान नहीं है. अपनी कमाई हिंदुस्तान वापस ले जाओ. कनाडा व्यापार की आड़ में हिंसक हिंदुत्व विचारधारा को कनाडा की धरती पर जड़ें जमाने नहीं देगा.'
अपने वीडियो में पन्नू ने जानना चाहा कि क्या कैप्स कैफ़े 'सिर्फ़ एक कॉमेडी स्थल है या हिंदुत्व के निर्यात की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है'. उन्होंने पूछा, 'एक समय में एक ही व्यवसाय?' ध्यान रहे कि बुधवार को, हास्य कलाकार कपिल शर्मा के कैप्स कैफ़े पर गोलीबारी हुई, जो 4 जुलाई को खुला था. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ.
शुक्रवार को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में, कैफ़े ने कहा कि वे 'इस सदमे से उबर रहे हैं' लेकिन हिंसा के ख़िलाफ़ डटे हुए हैं. बता दें कि कपिल शर्मा ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
गौरतलब है कि एसएफजे अपनी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के कारण गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक प्रतिबंधित संगठन है, जो गृह मंत्रालय के अनुसार, देश की आंतरिक सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है. मंत्रालय ने पहले कहा था कि एसएफजे पंजाब और अन्य जगहों पर राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल है और भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने का इरादा रखता है.
केंद्र के अनुसार, एसएफजे आतंकवादी संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है और भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों सहित अलगाववादी गतिविधियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित और सहायता करता है. एनआईए ने पन्नू के खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं और उनकी जांच कर रही है. एसएफजे संस्थापक के खिलाफ कुल 104 मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच या तो एनआईए या उन राज्यों द्वारा की जा रही है जहां वे दर्ज किए गए हैं.