दुनिया
ऋतु सिंह | Apr 19, 2026, 08:05 AM IST
1.सरकारी कर्ज होता क्या है और क्यों लेना पड़ता है?

सरकार की कमाई टैक्स और अन्य स्रोतों से होती है, लेकिन जब खर्च ज्यादा हो जाता है तो अंतर को पूरा करने के लिए कर्ज लिया जाता है. इसे ऐसे समझिए जैसे आपकी सैलरी ₹50,000 है और खर्च ₹70,000 तो बाकी ₹20,000 आपको उधार लेने पड़ेंगे. सरकारें भी यही करती हैं, बस पैमाना बहुत बड़ा होता है. जब सरकार कर्ज लेती है, तो वह पैसा सड़क, अस्पताल, रेलवे जैसी सुविधाओं में निवेश करती है-जिसका फायदा सीधे जनता को मिलता है. Photo Credit: AI
2. दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज किस देश पर है?

अगर आप सोच रहे हैं कि कमजोर देश ही ज्यादा कर्ज में होते हैं, तो यह धारणा यहां टूट जाती है. बसे ऊपर नाम आता है United States का, जिस पर करीब 38.27 ट्रिलियन डॉलर का सरकारी कर्ज है. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, यह देश सबसे बड़ा कर्जदार भी है. इसके पीछे वजह है-मजबूत डॉलर, ग्लोबल भरोसा और बड़े पैमाने पर निवेश. खास बात ये है कि अमेरिका आसानी से कर्ज ले पाता है क्योंकि दुनिया उसकी अर्थव्यवस्था पर भरोसा करती है. Photo Credit: AI
3. चीन से भारत तक: कौन-कौन है इस लिस्ट में?

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर चीन है, जिस पर लगभग 18.6 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है. तीसरे स्थान पर जापान (करीब 9.8 ट्रिलियन डॉलर) और चौथे पर यूनाइटेड किंडम है. इसके बाद फ्रांस और इटली जैसे देश आते हैं.
4.7वां स्थान भारत का

दुनिया के बड़े कर्जदार देशों में भारत सातवें स्थान पर है, जहां कुल कर्ज करीब 3.36 ट्रिलियन डॉलर है. इसका मतलब यह नहीं कि भारत संकट में है, बल्कि यह दिखाता है कि देश विकास के लिए निवेश कर रहा है. Photo Credit: AI
5.भारत की स्थिति: खतरा या अवसर?

भारत का Debt-to-GDP अनुपात करीब 56% के आसपास है, जिसे सरकार 2030-31 तक 50% तक लाने का लक्ष्य रख रही है. सबसे अहम बात ये है कि भारत का ज्यादातर कर्ज देश के अंदर से लिया गया है, यानी बाहरी जोखिम कम है. यह पैसा सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट और ग्रीन एनर्जी जैसे प्रोजेक्ट्स में लगाया जा रहा है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर = ज्यादा नौकरी यानी ज्यादा बिजनेस के मौके और बेहतर जीवन.Photo Credit: AI
6.ज्यादा कर्ज हमेशा बुरा नहीं होता, यह समझना जरूरी है

कर्ज का असर इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा कहां खर्च हो रहा है. अगर कर्ज से विकास होता है, तो यह भविष्य में ज्यादा कमाई लाता है, लेकिन अगर सिर्फ खर्च चलाने के लिए कर्ज लिया जाए, तो यह बोझ बन सकता है. आज की दुनिया में “स्मार्ट कर्ज” ही असली ताकत है, जो देश इसे सही जगह लगाते हैं, वही आगे निकलते हैं. Photo Credit: AI
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