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US-Iran की जंग ने इस देश को कर दिया मालामाल, 15 दिन में कर ली 6,35,44,80,00,000 रुपये की कमाई

ईरान और अमेरिका की लड़ाई ने पूरी दुनिया के सामने तेल का संकट खड़ा कर दिया है. ऐसा संकट कि सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. युद्ध छेड़ने वाला अमेरिका खुद भी अरबों डॉलर गंवा चुका है. लेकिन एक देश ऐसा है जिसके लिए ये आपदा अवसर बनकर आई है.

Kusum Lata | Mar 13, 2026, 07:45 PM IST

1.Russia Biggest Beneficiary in US-Iran War

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US-Iran की लड़ाई में रूस हुआ मालामाल

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के डेटा के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक फॉसिल फ्यूल की बिक्री से रूस ने 6 बिलियन यूरो की कमाई की है. भारतीय रुपयों में यह 63 हजार 544 करोड़ रुपये की कमाई है. खास बात ये है कि क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों की वजह से रूस ने 672 मिलियन यूरो यानी करीब 7100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुनाफ़ा कमाया है. फोटो- AI Generated

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2.Trump wanted Russia's Oil Business To Collapse

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डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर लगाया था प्रतिबंध

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर तेल से होनी वाली कमाई से युद्ध की फंडिंग का आरोप लगाया था. रूस-यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई के बीच ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे. भारत को भी रूस से तेल खरीदने पर भारी टैरिफ की चेतावनी ट्रंप ने दी थी. ट्रंप का प्लान था कि तेल निर्यात से होने वाले रूस के रेवेन्यू को खत्म कर दिया जाए. भारत और यूएस ट्रेड डील के बाद भारत ने भी रूस से तेल नहीं खरीदने का फैसला किया था. फोटो- विकिमीडिया कॉमन्स

3.Iran closed Strait of Hormuz after US attack

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ईरान ने बंद कर दिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़

अमेरिका और इजराइल के अटैक और जवाबी कार्रवाई के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. मिडिल ईस्ट के ज्यादातर देशों से पूरी दुनिया में जाने वाला तेल इसी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर जाता है. पूरी दुनिया की डेली सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत तेल और एक तिहाई LNG यहीं से होकर गुज़रता है. सांकेतिक फोटो- Canva

4.US asked Russia to Help maintain Global Oil Supply

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अमेरिका ने तेल सप्लाई बनाए रखने के लिए रूस से मांगी मदद

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का सीधा असर दुनिया के ज्यादातर देशों में तेल की सप्लाई पड़ा. इसका सीधा असर वहां के आम जनजीवन पर दिखने लगा. तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने रूस से मदद मांगी. रूस से कहा कि अगर वो ग्लोबल ऑयल सप्लाई मेंटेन करने में मदद करता है तो अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंध हटा देगा. US ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट भी दे दी. तब तक क्रूड ऑयल की कीमतें भी बढ़ गई थीं, जिसका फायदा रूस को मिला. फोटो- विकिमीडिया कॉमन्स

5.Russia Earnings Before and After US-Iran War

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रूस को कितना हुआ फायदा

CREA की तरफ से फरवरी में पब्लिश किए गए डेटा के मुताबिक, युद्ध से पहले के 12 महीनों में तेल से रूस की कमाई में गिरावट आई थी. युद्ध से पहले रूस का तेल रेवेन्यू 2022 के बाद के सबसे निचले स्तर पर था. इस गिरावट की बड़ी वजह से भारत की तरफ से आयात का कम होगा. CREA के इस महीने पब्लिश किए गए डेटा के मुताबिक, फरवरी में रूस का लगभग 6.9 मिलियन टन क्रूड ऑयल समुद्र में तैर रहा था. इस तेल का कोई बायर नहीं था. लेकिन US की तरफ से मदद मांगने और तेल बिजनेस से प्रतिबंध हटाने के बाद भारत समेत अन्य देशों ने ये तेल खरीद लिया. सांकेतिक फोटो- Canva

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