दुनिया
Kusum Lata | May 12, 2026, 04:15 PM IST
1.वेटिकन सिटी है दुनिया का सबसे छोटा देश

वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है. यह करीब 109 एकड़ क्षेत्र में फैला है. लगभग 0.44 स्क्वायर किलोमीटर. वेटिकन सिटी दिल्ली के लाल किले (255 एकड़) के आधे से भी छोटा है. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के मुताबिक, वेटिकन सिटी की आबादी 506 है. इसके बाद भी इस देश के दुनिया के ज्यादातर देशों के साथ डिप्लोमैटिक रिश्ते हैं.
2.क्यों खास है वेटिकन सिटी?

वेटिकन सिटी कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरु पोप लियो का घर है. पूरी दुनिया के 140 करोड़ कैथोलिक ईसाई पोप को फॉलो करते हैं. कैथोलिक ईसाई दुनिया की कुल पॉपुलेशन के 17 से 18 प्रतिशत हैं और कुल ईसाइयों के लगभग 50 प्रतिशत. दुनिया के ज्यादातर देशों में कैथोलिक क्रिश्चियन रहते हैं.
3.वेटिकन सिटी में न स्कूल, न अस्पताल, न आर्मी

वेटिकन सिटी में रहने वालों में पादरी, नन और स्विस गार्ड्स प्रमुख हैं. यह धार्मिक अध्ययन का एक वैश्विक केंद्र है, लेकिन यहां पर बच्चों के लिए फॉर्मल स्कूल नहीं है. यहां रहने वाले गार्ड्स के बच्चों को पढ़ने के लिए रोम जाना पड़ता है. इसी तरह बीमार होने पर यहां के नागरिकों को रोम जाना पड़ता है. वेटिकन सिटी के जिन देशों से राजनयिक संबंध हैं, उनके दूतावास भी रोम में ही हैं. बता दें कि वेटिकन चारों तरफ से रोम से घिरा हुआ है. वेटिकन सिटी के पास अपनी आर्मी नहीं है, इसकी रक्षा स्विस गार्ड्स करते हैं.
4.जन्म से नहीं मिलती नागरिकता

वेटिकन सिटी की नागरिकता की शर्तें अलग हैं. यहां की नागरिकता केवल उन लोगों को मिलती है, जो वेटिकन में किसी पद पर हैं या यहां काम करते हैं. जैसे पोप, कार्डिनल के सदस्य और स्विस गार्ड्स. स्विस गार्ड्स और उनके परिवार को केवल तब तक के लिए देश की नागरिकता मिलती है, जब तक उनकी नौकरी यहां होती है. नौकरी छोड़ते ही उन्हें अपने मूल देश में लौटना होता है. जनसंख्या कम होने की वजह से यहां पासपोर्ट भी सबसे दुर्लभ माना जाता है. वेटिकन सिटी का पासपोर्ट रखने वालों को दुनिया के 160 से ज्यादा देशों में वीज़ा-फ्री एंट्री मिलती है.
5.क्यों पूरी दुनिया वेटिकन सिटी के आगे झुकाती है सिर

पोप दुनिया की एक बड़ी आबादी के धर्मगुरु हैं. उनके बयान विभिन्न मुद्दों पर एक बड़ी आबादी की सोच को दिशा देते हैं. वह एक ऐसे देश के प्रमुख हैं, जिसके पास न अपनी सेना है और न ही कोई संसाधन. इसके बाद भी दुनिया के ज्यादातर देश वेटिकन से रिश्ते बनाकर रखते हैं. उनकी सॉफ्ट पावर इतनी जबरदस्त मानी जाती है कि कई बार दो देशों के बीच जारी तनाव को संवाद से सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं. वह नैतिक और मानवीय मूल्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं. उनकी सॉफ्ट पावर ऐसी है कि उनके साथ केवल एक मुलाकात ही राष्ट्रध्यक्षों के लिए एक बैज ऑफ ऑनर बन जाता है.