दुनिया
डीएनए हिंदी वेब डेस्क | Mar 21, 2026, 12:04 PM IST
1.Russia

रूस
इस युद्ध के शुरू होने से पहले अमेरिका ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए थे. कई देशों को टैरिफ की धमकी देकर रूस से तेल नहीं खरीदने पर मजबूर किया था. युद्ध शुरू होते ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने रूस से मदद मांगी. दौरान क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर पहुंच गई और रूस ने बढ़ी हुई कीमत पर तेल बेचकर फायदा तो उठाया ही, उसने जनवरी-फरवरी के नुकसान की भरपाई भी कर ली. फोटो- AI Generated
2.America

अमेरिका
अमेरिका के लिए युद्ध सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि एक 'मल्टी-बिलियन डॉलर बिजनेस' है. दुनिया में जब कहीं भी युद्ध का खतरा बढ़ता है तो इसका सीधा फायदा उठाती हैं अमेरिका की हथियार बनाने वाली कंपनियां. US की लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन बड़ी कंपनियां हैं. बीते कुछ सालों मे ईरान के साथ तनाव के चलते मिडिल ईस्ट के देशों ने अमेरिका से अरबों डॉलर के हथियार, डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स खरीदे हैं. इस युद्ध में ईरान जितनी मजबूती के साथ अमेरिका और इजरायल के सामने खड़ा होगा, मिडिल ईस्ट के दूसरे देश अमेरिका से उतने ज्यादा उन्नत और महंगे हथियार खरीदेंगे. फोटो- कैन्वा
3.China

चीन
इस लिस्ट में तीसरा नाम है चीन का. यह नाम चौंकाने वाला है. ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते दुनिया के ज्यादातर देश ईरान से तेल खरीदने से कतराते हैं. हालांकि, चीन ने ईरान से तेल खरीदना जारी रखा. नतीजा ये हुआ कि चीन ने बाकी देशों के मुकाबले, सस्ता तेल ईरान से खरीदा. सस्ते तेल की वजह से चीन की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम हो गई है. युद्ध के बीच भी चीन अपने सामान पर भारी डिस्काउंट ऑफर कर रहा है. जिसका सीधा फायदा उसे मिल रहा है. फोटो- कैन्वा
4.Qatar

कतर
ईरान और कतर दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस फील्ड यानी South Pars को साझा करते हैं. ईरान युद्ध और प्रतिबंधों में उलझा हुआ है. इस वजह से उसकी गैस सप्लाई लगातार बाधित हो रही है. ऐसे में यूरोप और एशिया के लिए कतर ही एकमात्र ऑप्शन है. कतर ने खुद को दुनिया के सबसे बड़े LNG एक्सपोर्टर के रूप में स्थापित कर लिया है. ईरान के द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ब्लॉक करना कतर के लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन फिलहाल वह बढ़ी हुई कीमत पर दुनिया के कई देशों को गैस सप्लाई कर रहा है. फोटो- कैन्वा
5.Is India benefitting from US-Iran War?

क्या भारत को भी मिल रहा है फायदा?
जानकारों की मानें तो इस युद्ध से भारत को न ही कोई बड़ा नुकसान होता दिख रहा है और न ही फायदा. युक्रेन युद्ध शुरू होने पर भारत ने रूस और दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदा, उसे रिफाइन किया और फिर उसे उन देशों को बेचा जो तेल की किल्लत झेल रहे थे. जिससे देश को विदेशी मुद्रा का बड़ा फायदा हुआ था. इस युद्ध में भी भारत ने ईरान से बात करके अपने जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकालने की सहमति बना ली है. वहीं, भारत ने रूस से तेल खरीदना दोबारा शुरू कर दिया है. यानी, भारत में सप्लाई का संकट फिलहाल नहीं है, हालांकि भारत भी बढ़ी हुई कीमतों पर तेल खरीद रहा है. LPG की कीमतें बढ़ा दी गई हैं, स्पीड पेट्रोल की कीमत भी बढ़ाई गई है. आशंका है कि सरकार को पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाने का फैसला भी लेना पड़ सकता है, अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है. फोटो- कैन्वा