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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मियामी में होने वाले G20 समिट में व्लादिमीर पुतिन से मिलने की इच्छा जताई है। जानिए अमेरिका की मध्यस्थता और शांति वार्ता से जुड़ी सभी नई जानकारी.
Zelensky Putin Meeting: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह अमेरिका के मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से आमने-सामने मुलाकात करने के लिए तैयार हैं। एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यदि पुतिन इस सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो वह भी वहां जाने और बातचीत करने को तैयार हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए आक्रमण के बाद से दोनों नेताओं के बीच कोई व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हुई है। ऐसे में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि क्या दिसंबर में प्रस्तावित मियामी समिट दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का मंच बन सकता है।
दिसंबर 2026 में अमेरिका के मियामी शहर में G20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। जेलेंस्की ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस मुलाकात का मकसद केवल औपचारिकता या बातें करना नहीं है, बल्कि परिणाम हासिल करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आकर बातचीत करना और ठोस फैसले लेना बेहद जरूरी है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच आखिरी व्यक्तिगत मुलाकात वर्ष 2019 में हुई थी और 2022 के युद्ध के बाद से उनके बीच कोई सीधी बैठक नहीं हुई है।
जेलेंस्की की इस पेशकश पर रूस की ओर से अभी कोई अंतिम सहमति नहीं जताई गई है। रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने रूसी मीडिया आउटलेट 'इजवेस्टिया' को बताया कि मॉस्को ने अभी तक पुतिन के G20 सम्मेलन में जाने की संभावना पर कोई चर्चा नहीं की है। उशाकोव के अनुसार, सम्मेलन की तैयारियां अभी केवल विशेषज्ञ स्तर पर चल रही हैं।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल 2019 के बाद से G20 नेताओं के किसी भी शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं लिया है। इसके बावजूद, क्रेमलिन ने कहा है कि वह यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय बातचीत की संभावना से इनकार नहीं करता है, हालांकि इसके लिए कोई तारीख या स्थान तय नहीं हुआ है।
जेलेंस्की का यह बयान अमेरिका द्वारा दोनों देशों को वापस बातचीत की मेज पर लाने के प्रयासों के बीच आया है। हाल ही में सितंबर में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को में चर्चा के बाद कीव का दौरा किया था। जेलेंस्की ने खुलासा किया कि अमेरिकी दूतों के साथ चर्चा में ऊर्जा और अनाज से जुड़े संघर्षविराम को एक पहले कदम के रूप में देखा गया है। जेलेंस्की के अनुसार, यदि ऊर्जा आपूर्ति और अनाज परिवहन पर हमला रोकने का समझौता होता है, तो यह व्यापक शांति वार्ता की दिशा में पहला ठोस कदम साबित हो सकता है।
हालांकि, इन कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद अभी तक कोई बड़ा ब्रेकथ्रू हासिल नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रस्तावों के बावजूद मॉस्को सार्थक रियायतें देने के लिए तैयार नहीं दिखता है। इसी वजह से जेलेंस्की ने यह भी अंदेशा जताया है कि यह युद्ध सर्दियों तक जारी रह सकता है।
जेलेंस्की का मानना है कि यूक्रेन वर्तमान में बातचीत के लिए एक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने तर्क दिया कि सीमित क्षेत्रीय बढ़त के बदले रूस को युद्ध के मैदान में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2022 से अब तक रूस को 15 लाख से अधिक सैन्य हताहतों (मृत्यु, घायल व लापता) का सामना करना पड़ा है, जिनमें से लगभग 5 लाख सैनिक मारे जा चुके हैं। जेलेंस्की ने इसके साथ ही अमेरिका से रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने की मांग की है, ताकि मॉस्को पर शांति वार्ता के लिए दबाव बनाया जा सके।