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Mali: एक साथ महिला ने दिया 9 बच्चों को जन्म, 19 महीने बाद अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, कैसे हुआ करिश्मा जान कर रह जाएंगे

एक साथ पैदा होने वाले 9 बच्चों ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है. सभी सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं.

Mali: एक साथ महिला ने दिया 9 बच्चों को जन्म, 19 महीने बाद अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, कैसे हुआ करिश्मा जान कर रह जाएंगे

मई में बच्चों के पहले जन्मदिन पर खींची गई तस्वीर. 

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डीएनए हिंदी: आमतौर पर अब तक यह धारणा रही है कि एक साथ अगर 3 से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हों तो उनके जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है. यह धारणा अब टूट गई है क्योंकि एक ही मां की कोख से, एक साथ पैदा हुए 9 बच्चे 19 महीने तक लगातार चले ट्रीटमेंट के बाद अब अपने घर लौट आए हैं. बच्चों का ट्रीटमेंट मोरक्को के एक अस्पताल में चला था. माली की एक महिला ने एक साथ 9 बच्चों (nonuplets) को जन्म दिया था. ये एक साथ पैदा हुए पहले '9' हैं जो जिंदा बच गए हैं.  

माली में हलीमा सीसे नाम की एक महिला ने 25 साल की उम्र में 9 बच्चों को जन्म दिया था. अल्ट्रासाउंड में जब यह बात सामने आई कि हलीमा के पेट में 7 से ज्यादा बच्चे हैं, जिन्हें डिलीवर करने में मुश्किलें आ सकती हैं तो उन्हें मई 2021 में मोरक्को भेज दिया गया था. बच्चों को कैसाब्लांका में मेडिकल सपोर्ट पर रखा गया था. अब सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अपनी मां के पास हैं.

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बच्चों के घर लौटने पर क्या है पिता का रिएक्शन?

माली की राजधानी बामको में लौटने के बाद बच्चों के पिता अब्देल कादेर अर्बी ने सरकार का शुक्रिया कहा और कहा कि सरकार, परिवार की आर्थिक मदद कर रही है. उन्होंने कहा है कि अल्लाह ने उन्हें आशीर्वाद दिया है. यह उनकी देखभाल में मदद करेगा. माली की स्वास्थ्य मंत्री डायमिनातौ संगारा ने कहा है कि सरकार परिवार का समर्थन करना जारी रखेगा.

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C सेक्शन जरिए पैदा हुए थे बच्चे

9 बच्चों में 5 लड़कियां हैं और 4 लड़के हैं. सभी का जन्म सिजेरियन सेक्शन के जरिए हुआ था. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक लड़कियों के नाम, कादिदिया, फतिमा, हवा, अदामा और ओउमौ है. लड़कों का नाम मोहम्मद, उमर, एल्हादजी और बाह है. जन्म के वक्त इन बच्चों का वजन 500 ग्राम और 1 किलोग्राम के बीच में था. 

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...तो बच्चों का बचना होता बेहद मुश्किल

अगर बच्चों को स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दी जाती तो उनकी स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलें बढ़ सकती थीं. यही वजह है कि उन्हें अस्पताल में रखा गया था. पहले महीने उन्हें अस्पताल में रखा गया फिर उन्हें एक अपार्टमेंट में ले जाया गया जहां ऐन बोरजा क्लिनिक से चौबीसों घंटे उनकी देखभाल की जाती थी.

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