दुनिया
इस्माइली मुस्लिमों के 49वें इमाम और परोपकार में अग्रणी आगा खान IV का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. AKDN के जरिए उन्होंने वैश्विक कल्याण के लिए अनगिनत योगदान दिए. वे न सिर्फ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक या अरबपति थे, बल्कि अपने महान कार्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे.
विश्वभर में लाखों इस्माइली मुस्लिमों (Ismaili Muslims) के आध्यात्मिक नेता और प्रमुख समाजसेवी प्रिंस करीम अल-हुसैनी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. बताते चलें कि इन्हें आगा खान IV (Aga Khan IV) के नाम से भी जाना जाता था. 4 फरवरी, 2025 को आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) द्वारा उनके निधन की पुष्टि की गई. बयान में कहा गया कि आगा खान ने अपने परिवार के बीच शांति से अंतिम सांस ली. उनके उत्तराधिकारी की घोषणा उनकी वसीयत पढ़े जाने के बाद की जाएगी.
अपने आप में एक विरासत
आगा खान IV का जन्म 13 दिसंबर, 1936 को स्विट्ज़रलैंड के क्रेयू-डी-जेंटहोद में हुआ था. 1957 में, 20 वर्ष की आयु में, उन्होंने अपने दादा आगा खान III से इस्माइली मुस्लिमों के 49वें वंशानुगत इमाम के रूप में पदभार संभाला. उनके दादा ने उन्हें उनके पिता अली खान के स्थान पर चुना था, यह कहते हुए कि समुदाय को एक ऐसे नेता की आवश्यकता है 'जो नयी पीढ़ी के मध्य में पला-बढ़ा हो.'
परोपकार की दिशा में ऐतिहासिक योगदान
आगा खान IV ने अपने नेतृत्व में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) का विस्तार किया, जो 30 से अधिक देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास परियोजनाएं संचालित करता है. लगभग 1 अरब डॉलर के वार्षिक बजट के साथ, AKDN ने बांग्लादेश, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान जैसे देशों में विकास को बढ़ावा दिया. उनका मानना था कि समाज में विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी होती है. 2012 में वैनिटी फेयर को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, 'यदि भगवान ने आपको समाज में विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्ति बनाया है, तो आपके ऊपर समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी है.'
इस्लामी संस्कृति और कला में योगदान
आगा खान IV ने मुस्लिम दुनिया और पश्चिम के बीच समझ को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए. उन्होंने वास्तुकला में इस्लामी संस्कृति के समर्थन के लिए प्रतिष्ठित आगा खान अवॉर्ड फॉर आर्किटेक्चर की स्थापना की. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में हुमायूं के मकबरे जैसे महत्वपूर्ण इस्लामी धरोहर स्थलों के पुनर्स्थापन में भी योगदान दिया.
निजी जीवन और दौलत का प्रभाव
आगा खान IV के निजी जीवन में उनकी दौलत और परोपकार दोनों की झलक दिखाई देती है. अरबपति होने के बावजूद, वे समाजसेवा में संलग्न रहे. उनके पास बहामास में एक निजी द्वीप, सुपर-यॉट और निजी जेट जैसे आलीशान साधन थे. उनकी संपत्ति 2008 में फोर्ब्स द्वारा लगभग 1 अरब डॉलर आंकी गई थी, जिसका बड़ा हिस्सा वैश्विक विकास परियोजनाओं में लगाया गया.
वैश्विक नेताओं की श्रद्धांजलि
उनके निधन के बाद, विश्वभर से श्रद्धांजलियां अर्पित की गईं. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने उन्हें दूरदर्शिता, आस्था और उदारता का प्रतीक बताया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उन्हें 'शांति, सहिष्णुता और करुणा का प्रतीक कहा. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने कहा कि उनका कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में सदैव जीवित रहेगा.
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