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कौन है वो भारतीय नर्स जिसे 16 जुलाई को यमन में दी जाएगी फांसी, जानिए क्यों सुनाई गई मौत की सजा

कोच्चि की रहने वाली निमिषा प्रिया 2008 में यमन गई थीं. सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन 2017 निमिषा की जिंदगी में ऐसा मोड़ आया जिसने सबकुछ बदल दिया.

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कौन है वो भारतीय नर्स जिसे 16 जुलाई को यमन में दी जाएगी फांसी, जानिए क्यों सुनाई गई मौत की सजा

Nimisha Priya 

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केरल की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमन में फांसी दे दी जाएगी.  निमिषा पर 2017 में यमन के नागरिक तलाल अब्दो मेहदी की हत्या का आरोप है. मामले में 2018 में यमन की सु्प्रीम कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद नवंबर 2023 में यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद से भी भारतीय नर्स को रात नहीं मिली. उसने निमिषा की अपील खारिज कर दी थी.

यमन के सामाजिक कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम बसकरन ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि हम यमन के सरकारी अधिकारियों से बात कर रहे हैं. निमिषा प्रिया के बचाव के अभी भी विकल्प खुले हुए हैं. भारत सरकार प्रयास कड़े करे तो राहत मिलने के चांस हैं. सैमुअल ने कहा कि हमने तलाल के परिवार को एक प्रस्ताव दिया था लेकिन उनका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. अगर तलाल का परिवार निमिषा को माफी दे देता है तो उसकी फांसी रुक जाएगी.

क्या था पूरा मामला?
कोच्चि की रहने वाली निमिषा प्रिया 2008 में यमन गई थीं. तब वह 19 साल की थी. यमन में उसकी दोस्ती तलाल अब्दो मेहदी नाम के शख्स से हुई. तलाल ने उसकी क्लीनिक खुलवाने में मदद का भरोसा दिया था. लेकिन वह अपने वादे से मुकर गया और निमिषा को परेशान करने लगा. लेकिन इसके बावजूद निमिषा ने अपना क्लीनिक खोल लिया. सबकुछ ठीकठाक चल रहा था, लेकिन 2017 निमिषा की जिंदगी में ऐसा मोड़ आया जिसने सबकुछ बदल गया.

तलाल निमिषा की कामयाबी देख जलने लगा और उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रतांडित करने लगा. उससे बार-बार पैसा मांगता और जब वह पैसा नहीं देती तो अत्याचार करता. निमिषा ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी. तलाल को जेल जाना पड़ा. जेल से जब वह छूटकर आया तो उसने निमिषा का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया.

निमिषा ने अपना पासपोर्ट पाने के लिए तलाल को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया. लेकिन बेहोशी के इंजेक्शन की डोज कुछ ज्यादा हो गई. इससे तलाल महदी की मौत हो गई. खुद को बचाने के लिए निमिषा ने अपने कलीग हनान की मदद से तलाल की बॉडी के टुकड़े करके पानी के टैंक में फेंक दिए. लेकिन निमिषा का यह जुर्म छुप नहीं सका और वह पकड़ी गई. साल 2018 में निमिषा को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. तब से ही वह यमन में फंसी हुई है.

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