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पूरी तरह से कब खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? ईरान ने तय कर दी शर्त, जानिए क्या है IRGC की डिमांड

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने साफ कर दिया है कि जब भी अमेरिका ईरान की शर्तों को मान लेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य निश्चित रूप से फिर से खुल जाएगा.

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पूरी तरह से कब खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? ईरान ने तय कर दी शर्त, जानिए क्या है IRGC की डिमांड

होर्मुज जलडमरूमध्य में अब भी हमले कर रहा ईरान. (AI इमेज)

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  • ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले जारी रखे हैं
  • ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा नियंत्रण चाहता है
  • ईरान की शर्तें मानने के लिए राजी नहीं है अमेरिका

Iran-America War: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए अपनी शर्तें तय कर दी हैं. IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तभी फिर से खुलेगा जब अमेरिका ईरान की शर्तों को पूरी तरह मान लेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला तेहरान और ओमान के बीच बातचीत से अलग है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने साफ कर दिया है कि जब भी अमेरिका ईरान की शर्तों को मान लेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य निश्चित रूप से फिर से खुल जाएगा. 

ईरान की शर्तें क्या हैं?

होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने के लिए ईरान की सबसे पहली शर्त इस समुद्री जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है. ईरान चाहता है कि इस जलमार्ग से जाने वाले सभी जहाज उससे परमिशन लेकर गुजरें. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से कुछ फीस भी वसूलना चाहता है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार जोर देकर कहा है कि वे कभी भी इस बात के लिए सहमत नहीं होंगे कि ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग तक पहुंच पर ईरान का नियंत्रण हो.

ईरान युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी चाहता है. ये राशि कम से कम 300 अरब डॉलर से ज्यादा है. ईरान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को खत्म करने और विदेशों में सीज उसके पैसे तुरंत रिलीज करने की शर्त भी रखी है. 

ओमान के साथ क्या बात कर रहा ईरान?

ईरान का आरोप है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नए रास्ते बनाने की कोशिश कर रहा है जिसे वह कभी स्वीकार नहीं करेगा. ईरान इसे लेकर ओमान के साथ बातचीत भी कर रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत का मकसद स्थायी रास्ते पर सहमति बनने से पहले एक अस्थायी शिपिंग रूट बनाना है. उन्होंने कहा है कि फिलहाल एक अस्थायी रास्ते को मुख्य रास्ते के आधार के तौर पर माना जाएगा. अरागची ने बताया कि दोनों देशों की सेना और नौसेना के बीच बातचीत हुई है.

होर्मुज में जहाजों पर ईरान के हमले जारी

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों पर अपने हमले जारी रखे हैं. 8 अगस्त को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे युक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक टैंकर पर ईरान ने मिसाइल हमला किया जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. UAE ने ADNOC के एक टैंकर पर ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है. UAE के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ये हमले UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन हैं. 

संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने या आर्थिक ब्लैकमेल के लिए करना, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा समुद्री डकैती जैसा काम है. UAE का कहना है कि इससे इलाके और वहां के लोगों की स्थिरता के साथ-साथ ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी के लिए भी सीधा खतरा पैदा होता है.

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