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गाजा को लेकर ट्रंप की क्या थी वो योजना, जिसपर भड़के नेतन्याहू, बोले- 'मेरे PM रहने तक नहीं होगा ये काम'

गाजा से इजरायल अपनी सेना पीछे हटाने को तैयार नहीं है. नेतन्याहू ने दो टूक कहा कि जब तक हमास निशस्त्रीकरण नहीं करता, तब तक इजरायली सेना बनी रहेगी. 

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गाजा को लेकर ट्रंप की क्या थी वो योजना, जिसपर भड़के नेतन्याहू, बोले- 'मेरे PM रहने तक नहीं होगा ये काम'

गाजा से इजरायली सेना को हटाने पर नेतन्याहू का इनकार

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  • गाजा को लेकर क्या थी ट्रंप की शांति योजना
  • क्यों नेतन्याहू ने ट्रंप को किया निराश
  • गाजा से इजरायली सेना को हटाने पर नेतन्याहू का इनकार
  • गाजा शांति योजना की ज्यादातर शर्तों को नकारा

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नाराज कर दिया है. नेतन्याहू ने गाजा को लेकर ट्रंप की शांति योजना पर बात करने से ही इनकार कर दिया है. नेतन्याहू के इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक सफलता के दावे को बड़ा झटका लगा है. हालांकि इसबीच हमास ने राडमैप के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है, लेकिन इजरायल को पहले अपने दायित्वों को पूरा करने की मांग रखी है. 

गाजा शांति योजना के 15 सूत्री शर्तों को नकारा

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध को खत्म करने के लिए 15 सूत्री गाजा शांति योजना बनाई थी. ट्रंप ने इसकी घोषणा की ही थी, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे नकार दिया. उन्होंने कहा कि "जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, गाजा या वेस्ट बैंक में कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनने दूंगा". उन्होंने आगे कहा कि जब तक हमास पूरी तरह से निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इजरायल गाजा से पीछे नहीं हटेगा. न ही उनकी ये मांगे मानी जाएगी. हम न ही किसी तरह का फंड देंगे.

गाजा शांति 15 सूत्री योजना

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा शांति के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' द्वारा जुलाई 2026 के अंत में पेश की गई 15 सूत्रीय योजना एक रोडमैप है. इसका मुख्य उद्देश्य हमास के हथियारों का पूरी तरह खात्मा करने के साथ ही इजरायली सेना की गाजा से क्रमिक वापसी व गाजा का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है. इसमें दोनों पक्षों पर कुछ प्रतिबंध और शर्तें शामिल की गई थी, लेकिन इनमें से ज्यादातर पर इजरायल ने असहमति जताई है. इतना ही नहीं, नेतन्याहू ने गाजा शांति योजना को ही नकार दिया है. 

गाजा शांति योजना की ज्यादातर शर्तों को नकारा

इजराइल द्वारा योजना के प्रमुख हिस्सों को खारिज करने और हमास द्वारा इसके कार्यान्वयन पर शर्तें लगाने के कारण, दोनों पक्ष इस बात पर काफी हद तक असहमत हैं कि अमेरिका समर्थित रोडमैप को कैसे आगे बढ़ाया जाना चाहिए. हमास के निशस्त्रीकरण से पहले इजरायल की वापसी की संभावना से इनकार किया गया. इसके साथ ही इजरायली अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि जब तक हमास इजरायल द्वारा वास्तविक निरस्त्रीकरण माने जाने वाले कार्य को पूरा नहीं कर लेता, तब तक इजरायली सेना पीछे नहीं हटेगी".नेतन्याहू ने इस बात को और मजबूती देते हुए कहा कि हमास के पूरी तरह से निरस्त नहीं होने तक इजरायली सेना पीछे नहीं हटेगी. 

ट्रंप को भी लगा झटका

नेतन्याहू के गाजा शांति योजना को नकारने के ऐलान पर ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. इसकी वजह कुद समय पहले ही ट्रंप ने कहा था कि "इजराइल ने हमारी मदद की है. साथ ही उन्होंने इजराइल को समझौते से 'बहुत खुश' बताया था. हालांकि, ट्रंप ने स्वीकार किया कि योजना को लागू करना मुश्किल साबित हो सकता है. उन्होंने कहा, "क्या इसमें उतार-चढ़ाव आएंगे? वहां की स्थिति बहुत जटिल है." इसकी वजह इजरायल हमास के निशस्त्रीकरण के बाद ही सेना को पीछे हटाने की शर्त रख रहा है. वहीं हमास की शर्त है कि पहले इजरायल को अपने हमले रोकने होंगे. इसके साथ ही अपनी सेनाओं को वापस बुलाना होगा.

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