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अमेरिकी राष्ट्रपति को किसका डर... ट्रक में छिपे, सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर तुर्किए से क्यों भागे थे ट्रंप? अब हुआ ये बड़ा खुलासा

नाटो के समिट में शामिल होने पिछले महीने तुर्किए गए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को वहां से सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर ब्रिटेन आना पड़ा था. इसकी जानकारी अब सामने आई है. आइए जानते हैं कि ट्रंप तुर्किए से गुपचुप तरीके से क्यों निकले थे.

अमेरिकी राष्ट्रपति को किसका डर... ट्रक में छिपे, सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर तुर्किए से क्यों भागे थे ट्रंप? अब हुआ ये बड़ा खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (इमेज क्रेडिट - AI)

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  • तुर्किए से सीक्रेट फ्लाइट लेकर निकले थे ट्रंप 
  • नाटो समिट में शामिल होने ट्रंप गए थे तुर्किए 
  • फ्लाइट लेकर तुर्किए से पहुंचे थे ब्रिटेन 
  • यह जानकारी अब सामने आई है
     

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले महीने तुर्किए की यात्रा पर गए थे. वहां से वह गुपचुप तरीके से सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर ब्रिटेन पहुंचे थे. इस बात का खुलासा अब हुआ है. अब ऐसे में इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति को किसका डर था और वह तुर्किए से सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर क्यों गए. आइए जानते हैं कि पूरी कहानी क्या है. 

क्यों सीक्रेट फ्लाइट पकड़कर भागे थे ट्रंप?

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ईरान की ओर से ट्रंप को जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद वह बोइंग 747-8 विमान को छोड़कर, जिससे वह तुर्किए पहुंचे थे. चुपके से एक छोटे C-32A विमान से ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए. 

वॉशिंगटन पोस्ट की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने चुपके से विमान फिर से बदल लिया. पोस्ट ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप को पुराने एयर फोर्स वन विमान से एक कैटरिंग कंटेनर में बाहर निकाला गया. इस कंटेनर से ट्रंप को एक छोटे C-32A विमान तक ले जाया गया, जिससे वह बाद में ब्रिटेन गए.

नहीं बताया गया था सच 

मीडिया और कुछ अधिकारियों को यह यकीन दिलाया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति अभी भी बड़े जेट, यानी पुराने बोइंग 747 में ही हैं. अंकारा से उड़ान भरने वाले पुराने विमान में मौजूद पत्रकारों से यह भी कहा गया कि वह अपनी खिड़कियों के पर्दे नीचे रखें.

क्या करने तुर्किए गए थे ट्रंप?

ट्रंप NATO समिट के लिए तुर्किए की राजधानी अंकारा गए थे. उस समय उन्होंने कहा था कि वह पुराने बोइंग 747 से जाएंगे ताकि ब्रिटेन के एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सेना के सदस्य नए प्लेन को देख सकें. हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने खबर दी कि ईरान की प्रॉक्सी ताकतों से खतरे के कारण यह बदलाव किया गया था.

वॉशिंगटन पोस्ट ने भी एक वीडियो भी शेयर किया. जिसमें ट्रंप के प्लेन में चढ़ने के कुछ मिनट बाद पुराने बोइंग एयरक्राफ्ट से एक कैटरिंग ट्रक को नीचे उतारा जा रहा था. वीडियो में कैटरिंग गाड़ी को छोटे C-32A एयरक्राफ्ट की ओर जाते हुए देखा जा सकता है.

कब और कैसे किया बदलाव?

रिपोर्ट्स मुताबिक, यह साफ नहीं हो पाया है कि उन्होंने छोटे प्लेन से बड़े जेट में कब और कैसे बदलाव किया. प्लेन बदलने की इस घटना के बाद कतर से मिले जेट की फिर से जांच-पड़ताल शुरू हो गई है. इस जेट में पुराने एयर फोर्स वन बेड़े में मौजूद कुछ सुरक्षा फीचर्स, जैसे कि एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम, नहीं है.

कतर के शाही परिवार ने दिया था लग्जरी विमान

कतर के शाही परिवार ने पिछले साल यह लग्जरी विमान अमेरिका को गिफ्ट में दिया था. यह कदम तब उठाया गया था, जब ट्रंप ने पुराने हो चुके बोइंग 747 विमानों की आलोचना की थी, जो 1990 से एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल हो रहे थे.

इस विमान में तेजी से जरूरी बदलाव किए गए और तुर्की की अपनी पहली विदेश यात्रा से पहले, 1 जुलाई को इसने ट्रंप को लेकर नॉर्थ डकोटा की उड़ान भरी थी.

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