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भयानक युद्ध के बाद भी अमीर बनकर उभरा ये देश, लाखों लोगों की मौत का देता है गवाही

युद्ध के बाद वियतनाम ने खुद को पूरी तरह से बदल लिया है. साथ ही विश्व के ताकतवर देशों का दोस्त भी बन गया है. चीन , रूस और अमेरिका जैसे देशों से अपना अलग ही रिश्ता रखता है.

भयानक युद्ध के बाद भी अमीर बनकर उभरा ये देश, लाखों लोगों की मौत का देता है गवाही
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Vietnam: दुनिया का एक ऐसा देश जो तबाही के भयानक मंजर से गुजर कर फिर से खड़ा हुआ और अपनी अलग पहचान बनाई. वो देश वियतनाम है. दुनिया में ये देश बर्बाद होने के बाद फिर से आबाद हुआ है. इसी वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह भारत दौरे पर आ रहे है. फाम मिन्ह 3 दिन तक भारत में रहेंगे.

भारत दौरे पर प्रधानमंत्री मिन्ह
वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह आज यानी गुरुवार को पीएम मोदी से मिलकर कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे. भारत और वियतनाम के बीच व्यापार और रक्षा जुड़े कई मुद्दों पर समझौता हो सकता है. प्रधानमंत्री फाम मिन्ह मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे.

1955 से 1973 तक वियतनाम बड़े युद्ध के दौर से गुजरा था. उत्तर वियतनाम और दक्षिणी वियतनाम के बीच घमासान युद्ध हुआ, जिसमें 50 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे. इस घरेलू वॉर की वजह से वियतनाम पूरी तरह से तबाह हो गया था. वहीं दुनिया के कई देश दो धड़े में बंट गए थे. जहां अमेरिका ने दक्षिणी वियतनाम का साथ दिया, वहीं चीन और रूस उत्तरी वियतनाम के साथ खड़े हो गए.  इस युद्ध में अमेरिका के 58 हजार सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी.

यह इतिहास का सबसे खतरनाक युद्ध था, जहां वियतनाम तो तबाह हुआ ही, साथ में इसमें शामिल होने वाले अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों को नुकसान उठाना पड़ा. इस युद्ध के बाद ऐसा लग रहा था कि वियतनाम अब कभी नहीं उठ पाएगा, लेकिन वहां की सरकार ने अपनी नीतियों से देश को खड़ा किया और अमीर मुल्क बनाया.

सभी मजबूत देशों से काफी बेहतरीम रिश्ता
वियतनाम ने पूरी तरह से खुद को बदल लिया है और विश्व के ताकतवर देशों का दोस्त भी बन गया है. चीन , रूस और अमेरिका जैसे देशों से अपना अलग ही रिश्ता रखता है. युद्ध को भुला वियतनाम अपने देश की आर्थिक स्थिति के लिए दोई-मोई नीती लागू की और इसके मदद से प्रति व्याक्ति आय को काफी बेहतरीन करके दिखाया.

चीन के प्रभाव को रोकने का करेगा काम
पूर्वी एशिया में वियतनाम एक अहम भूमिका निभाता है. भारत और वियतनाम के रिश्ते का इतिहास कई साल पुराना है. वियतनाम और भारत के बीच पहली राणनितिक साझेदारी की नींव 2007 में पड़ी थी और मोदी अपने कार्यकाल में दोनों देशों के रिश्ते को काफी मजबूती मिली. पीएम मोदी ने 2016 में पहली बार वियतनाम का दौरा किया था. दक्षिण चीन सागर पर चीन के प्रभाव को रोकने के लिए वियतनाम भारत की काफी मददगार साबित हो सकता है. 


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