Advertisement

अमेरिका का बड़ा एक्शन, तुर्किए की बैंक समेत 3 कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, क्यों लिया ये फैसला?

अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गोल्डन ग्लोबल ने जानबूझकर ईरानी वित्तीय संस्थानों को कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की पेशकश की है, जिससे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) और उसके प्रतिनिधियों द्वारा नियंत्रित खातों के माध्यम से लेनदेन संभव हो सके.

Latest News
अमेरिका का बड़ा एक्शन, तुर्किए की बैंक समेत 3 कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, क्यों लिया ये फैसला?

अमेरिका ने तुर्किए की तीन कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध

Add DNA as a Preferred Source
  • अमेरिका ने तुर्किए की एक बैंक और उसकी दो सहायक कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. 
  • अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि ये बैंक चीन और ईरान के बीच कारोबार को सुविधानजक बना रहा था. 
  • तुर्किए के 35वें सबसे बड़े बैंक गोल्डन ग्लोबल बैंक ने ट्रेजरी के आरोपों को खारिज कर दिया.

अमेरिका ने तुर्किए के एक बैंक और उसकी दो सहायक कपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिकी वित्त विभाग ने शुक्रवार (04 सितबंर, 2026) को कहा कि अंकारा पर ये प्रतिबंध ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन के अभियान का हिस्सा हैं. अमेरिका का कहना है कि तुर्किए का गोल्डन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक और उसकी दो सहायक कंपनियां गोल्डन ग्लोबल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और उसकी असेट लीजिंग कंपनी चीन और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनी गार्ड कॉर्प्स के बीच कारोबार को सुविधाजनक बना रही थी. 

अमेरिका की ओर से ये कार्रवाई नाटो सहयोगी देश के किसी बैंक पर मौजूदा अभियान के तहत पहली बार हुई है. अमेरिकी हमलों और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के बावजूद ईरान को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर नहीं किया जा सका है, जिसके चलते वाशिंगटन तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है. अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने कहा कि प्रतिबंधों की वजह से तीनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट में डाला गया है, जिससे वो डॉलर-आधारित सिस्टम से अलग हो गई है. ट्रेजरी ने प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ लेन-देन को खत्म करने की अनुमति देने के लिए एक सामान्य लाइसेंस भी जारी किया है.

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सरकार की कार्रवाई ने उन संस्थानों को स्पष्ट संदेश दिया है जिनके बारे में ट्रंप प्रशासन का मानना ​​है कि वे ईरान और उसके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के साथ व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि आप कौन हैं, हम जानते हैं कि आप कहां हैं और हम अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर तब तक कार्रवाई करते रहेंगे जब तक कि हम ईरानी सांप का सिर दफना नहीं देते.'

बेसेंट ने X पर पोस्ट कर कहा कि होर्मुज की अमेरिकी नाकाबंदी ने ईरानी कच्चे तेल के कार्गो को चीन तक पहुंचने से रोक दिया है, जिससे बीजिंग पर दबाव बढ़ गया है, जो कच्चे तेल के लिए ईरान पर निर्भर है और तेहरान पर भी, जिसे युद्ध जारी रखने के लिए फंडिंग की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'होर्मुज में फंसे जहाजों पर कच्चे तेल का ढेर लगने से भंडार की भरपाई नहीं हो पा रही है. ईरान की निर्यात की लाइफलाइन कट रही है- तेल फंसा हुआ है, भंडारण सीमित है और राजस्व तेजी से घट रहा है.' रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका के वॉयस न्यूज को अलग से बताया कि अगले सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या बोला तुर्किए का बैंक?

तुर्किए के 35वें सबसे बड़े बैंक, गोल्डन ग्लोबल बैंक ने ट्रेजरी के आरोपों को खारिज कर दिया. बैंक ने कहा कि उसने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग एवं अनुपालन आवश्यकताओं का पालन किया है और निराधार आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा. उसने यह भी कहा कि OFAC के प्रतिबंध संबंधी निर्णय में नामित व्यक्ति और संस्थाएं उसके ग्राहक नहीं हैं और उनका उनसे कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है. TheBanks.EU डेटाबेस के अनुसार, गोल्डन ग्लोबल बैंक के पास साल 2025 में करीब 25 बिलियन तुर्की लीरा (516.63 मिलियन डॉलर) की कुल संपत्ति थी.

अमेरिकी वित्त विभाग ने बैंक पर क्या आरोप लगाए? 

फाउंडेशन फॉर द डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के प्रतिबंध विशेषज्ञ मियाद मालेकी ने कहा कि तुर्किए का बैंक भले ही छोटा हो, लेकिन मौजूदा अभियान के तहत नाटो देश में निशाना बनने वाला यह पहला बैंक है. उन्होंने कहा, 'अंकारा को संदेश साफ है- जैसे-जैसे खाड़ी देशों में पाबंदियां बढ़ेंगी, तुर्किए ही वह जगह होगी जहां यह पैसा भेजा जाएगा और ट्रेजरी विभाग पहले से ही वहां मौजूद है.' 

उन्होंने कहा कि तुर्किए बैंक के साथ कारोबार जारी रखने वाला कोई भी विदेशी बैंक भी खतरे में था. मालेकी ने आगे कहा, 'इस तरह की कार्रवाई का असली मकसद उस बैंक पर पड़ने वाला अप्रत्यक्ष प्रभाव है, न कि खुद आधा अरब डॉलर का बैंक.'

क्यों हुई थी गोल्डन ग्लोबल की स्थापना?

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गोल्डन ग्लोबल की स्थापना ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क को चीन से तुर्किए में तेल राजस्व ट्रांसफर करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जहां इसे करेंसी एक्सचेंजर्स द्वारा नकदी और सोने में परिवर्तित किया जा सकता था. अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गोल्डन ग्लोबल ने जानबूझकर ईरानी वित्तीय संस्थानों को कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की पेशकश की है, जिससे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) और उसके प्रतिनिधियों द्वारा नियंत्रित खातों के माध्यम से लेनदेन संभव हो सके, जिसमें तुर्किए के कारोबारी सिटकी अयान और उनकी कंपनियां शामिल हैं, जिन पर 2022 में प्रतिबंध लगाए गए थे.

ये भी पढ़ें- ईरान के पिकैक्स माउंटेन को क्यों उड़ाना चाहते हैं ट्रंप? ये है असली वजह 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement