वर्ल्ड
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है. इसका सीधा प्रभाव अमेरिका में दवाओं पहुंचाने वाली विदेशी कंपनियों पर पड़ेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को एक व्यापक नई व्यापार नीति की घोषणा की. इसमें ट्रंप ने अमेरिका में 1 अक्टूबर से आयातित ब्रांडेड और पेटेंटेड दवा उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है. यह कदम स्पष्ट रूप से दवा निर्माण को अमेरिकी बढ़ाने के लिए लिया गया है. वहीं भारतीय दवा कंपनियों से लेकर कई विदेशी दवा कंपनियों पर इसका काफी प्रभाव पड़ेगा.
भारत समेत दूसरे देशों पर टैरिफ बढ़ाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो ट्रंप का टैरिफ एक तरह का दबाव है, जो दूसरे देशों पर डालकर अपने देश ही लेनदेन कर बाधाति करना चाहते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं के निर्यात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई दवा कंपनी अमेरिका में प्लांट लगाकर दवाओं का निर्माण करती है तो उन पर किसी तरह का टैरिफ नहीं लगेगा.
डोनाल्ड ट्रम्प ने आयातित दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर किया. वहीं अगर टैरिफ की लागत उपभोक्ताओं पर डाल दी जाए तो अमेरिका में आयातित दवाओं की कीमत लगभग दोगुनी हो जाएंगी. यह एक ऐसा फैसला है, जिसका ऑस्ट्रेलिया पर भी संभावित रूप से बड़ा प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका को सबसे बड़े निर्यातों में ऑस्ट्रेलिया अहम है. 2024 में, ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका को लगभग 2.07 बिलियन डॉलर मूल्य के दवा उत्पादों का निर्यात किया.
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