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'यूएस ने यूक्रेन को कभी सहयोगी के रूप में नहीं देखा', जेलेंस्की ने साझा किया अपना दर्द, ट्रंप-पुतिन की बातचीत पर कही ये बात

Munich Security Conference:जेलेंस्की सबसे ज्यादा दुखी उस बयान को लेकर हैं, जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन की नाटो सदस्यता याथार्थवादी नहीं है. पढ़िए रिपोर्ट.

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'यूएस ने यूक्रेन को कभी सहयोगी के रूप में नहीं देखा', जेलेंस्की ने साझा किया अपना दर्द, ट्रंप-पुतिन की बातचीत पर कही ये बात

जेलेन्स्की

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Volodymyr Zelenskyy: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष करीब 3 सालों से जारी है. इस लड़ाई की वजह से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है. साथ ही इस जंग में दोनों ही देशों के लाखों लोगों की जाने गई हैं. यूएस ने राष्ट्रपति ने अपने चुनावी सभाओं के दौरान ही इस युद्ध को रोकने की बात कही थी. राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार इस संदर्भ में कार्य किए जा रहे हैं. वो लगातार दोनों देशों को साधने के प्रयास कर रहे हैं. इसको लेकर उन्होंने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन से बातचीत भी की है. लेकिन ट्रंप के इस कदम से यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की खासे नाराज हैं. उनकी नाराजगी खासकर उन बयानों को लेकर है, जिनमें कहा गया है कि यूक्रेन की नाटो की सदस्यता यथार्थवादी नहीं है.. और जेलेंस्की और पुतिन के बीच मुलाकत कराई जाएगी, दोनों के बीच वर्ता के तहत शाति की बहाली की जाएगी.

जेलेंस्की ने साझा किया अपना दुख
जेलेंस्की सबसे ज्यादा दुखी उस बयान को लेकर हैं, जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन की नाटो सदस्यता याथार्थवादी नहीं है. दरअसल यूएस के नए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से बयान दिया गया था कि यूक्रेन का नाटो का सदस्य बनना यथार्थवादी नहीं है. साथ ही हेगसेथ ने ये भी कहा कि यूक्रेन को अब 2014 से पहले वाली सरहद बहाल करने का ख्वाब छोड़ देना चाहिए.  जेलेंस्की ने इस बयान को लेकर गहरी अपत्ति जताई है. साथ ही वो इन बयानों से काफी परेशान दिखे. उन्होंने कहा है कि 'अमेरिका ने यूक्रेन को कभी नाटो के सदस्य के तौर पर देखा ही नहीं. उन्होंने इशारों ही इशारों में इस बात को रेखांकित करन की कोशिश की है कि यूएस जो दावा करता रहा है कि यूक्रेन उसका घनिष्ट सहयोगी है, वो असल में है नहीं.'

पुतिन से मुलाकात से पहले रखी ये शर्त
जेलेंस्की ने यूएस के संदर्भ में ये सारी बातें म्यूनिख सुरक्षा समिट के दौरान कही है. दरअसल ट्रंप ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि उनकी बात रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई है. जिसमें युद्ध विराम को लेकर बातचीत की गई, दोनों ही देश जंग को रोकने के लिए तैयार हैं. जेलेंस्की ने ट्रंप के इस बयान को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वो पुतिन से तभी मिलेंगे जब उनकी ट्रंप के साथ युद्ध विराम के प्लान को लेकर बात होगी. जेलेंस्की की ओर से पुतिन के साथ मुलाकात करने को लेकर ये शर्त रखी गई है.


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