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ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड और पांचवें बेड़े के हेडक्वार्टर पर मिसाइलें दागी थीं. अब एक सीनीयर अमेरिकी अधिकारी ने माना है कि ईरान ने उनके सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया था.
America vs Iran: अमेरिकी से जारी संघर्ष के दौरान ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर जबरदस्त मिसाइल हमले किए थे और भारी तबाही मचाई. ईरान के हमलों से बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के अहम बेस को भारी नुकसान भी पहुंचा है. एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने अब ये कबूला है कि ईरान ने अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि अब आगे क्या किया जाए.
अमेरिका के कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड और पांचवें बेड़े के हेडक्वार्टर पर मिसाइलें दागीं. फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू करने के बाद से ही ईरान इस बेस को लगातार निशाना बना रहा है.
'द एपोक टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में काओ ने 'नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन' का जिक्र किया. यह मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशन्स के लिए एक अहम लॉजिस्टिक्स हब का काम करता है. काओ ने कहा कि नौसेना अब इस बेस के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है. नेवी ये सोच रही है कि इसकी मरम्मत की जानी चाहिए या नहीं.
दरअसल बहरीन में अमेरिकी बेस को हुए नुकसान की गंभीरता को देखते हुए अब यह सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिकी सैनिक बेस पर लौटेंगे भी या नहीं. अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशन्स के प्रमुख एडमिरल डेरिल कॉडल ने अगस्त के आखिर में कहा था कि सैनिक जल्द वापस नहीं लौटेंगे. यहां तक कि अपना निजी सामान लेने के लिए भी नहीं. डेरिल कॉडल ने ये बयान 31 अगस्त को एक टाउन हॉल मीटिंग के दौरान दिया था.
संघर्ष के 6 महीनों बाद बहरीन, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर जैसे देशों में मौजूद सैन्य अड्डों से अमेरिकी ऑपरेशन बंद हो गए हैं. अमेरिका अब जॉर्डन को बेस बनाकर हमले कर रहा है. ईरान ने भी रणनीति बदली है और इसके निशाने पर अब जॉर्डन का अल-अज्रक एयरबेस है जहां अमेरिकी सैनिकों और लड़ाकू विमानों की मौजूदगी है. अल-अज्रक उन ठिकानों में शामिल है, जहां से अमेरिकी वायुसेना अपने अभियान संचालित करती है. यहां एफ-35, एफ-16 और एफ-15 जैसे लड़ाकू विमान तैनात हैं. 9 सितंबर 2026 को इस बेस पर हमले कर ईरान ने कई अमेरिकी विमानों और उपकरणों को निशाना बनाया था.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से बढ़ रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी चालक-रहित नेवल ड्रोन बोट को निशाना बनाया. आईआरजीसी ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है और चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी अमेरिकी मौजूदगी को निशाना बनाया जाएगा.