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अमेरिका में ईरान युद्ध के कारण डीजल की कीमतें इतिहास के सबसे उच्चतम स्तर $5.85 पर पहुंच गई हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी हो गई है और राष्ट्रपति ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
US Diesel Prices Hit Record High: अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इस समय महंगाई की एक बहुत बड़ी मार पड़ी है. अमेरिका में डीजल की कीमतें शुक्रवार को सर्वकालिक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं, देश भर में औसत कीमत रिकॉर्ड $5.85 प्रति गैलन दर्ज की गई है. इस भारी बढ़ोतरी की मुख्य वजह ईरान के साथ पिछले छह महीनों से चल रहा युद्ध है, जिसने वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति को पूरी तरह बाधित कर दिया है.
डीजल की यह रिकॉर्ड कीमत केवल गाड़ियों के मालिकों को ही प्रभावित नहीं कर रही है, बल्कि इसका सीधा असर माल ढुलाई और डिलीवरी नेटवर्क पर पड़ रहा है. इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में दैनिक उपभोग की लगभग हर वस्तु की परिवहन लागत बढ़ जाएगी.
नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले इस महंगाई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने एक बहुत बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि अमेरिकी जनता पहले से ही ट्रंप की आर्थिक नीतियों से बेहद नाराज है.
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जंग शुरू करने से पहले, USA में डीजल की नेशनल एवरेज प्राइस लगभग $3.76 प्रति गैलन थी. लेकिन जंग छिड़ते ही कच्चे तेल की कीमतें बेतहाशा आसमान छूने लगीं और मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस क्लेश के कारण पूरी सप्लाई चेन ठप हो गई है.
दरअसल, ज़्यादातर तेल टैंकरों का मूवमेंट हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अटक गया है, जो ग्लोबल ऑयल ट्रेड का सबसे सेंसिटिव रास्ता माना जाता है. इसी वजह से इंटरनेशनल स्टैंडर्ड माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को $95 प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा था, जबकि इस भयंकर युद्ध से पहले इसकी कीमत महज $70 प्रति बैरल हुआ करती थी. चूंकि कच्चा तेल ही डीजल का मेन कंपोनेंट है, इसलिए क्रूड ऑयल के महंगे होते ही पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमतें भी सुपर फास्ट तरीके से बढ़ गईं.
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले जून 2022 में यूक्रेन वॉर की शुरुआत और रूस पर लगे सेंक्शन्स के बाद यूएस में डीजल की कीमतें लगभग $5.82 प्रति गैलन के एवरेज तक पहुंच गई थीं, लेकिन करेंटली चल रही $5.85 की कीमत ने उस पुराने रिकॉर्ड को भी पूरी तरह से ब्रेक कर दिया है.
वैसे अगर हम महंगाई दर को एडजस्ट करके देखें, तो इतिहास में कीमतें इससे भी ज्यादा रही हैं, जैसे साल 2008 के फाइनेंशियल क्राइसिस से ठीक पहले डीजल की कीमत $4.74 प्रति गैलन तक पहुंची थी, जो 2026 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब $7.20 प्रति गैलन के बराबर बैठती है और ठीक इसी तरह साल 2022 का $5.82 का रिकॉर्ड भी आज के समय के अनुसार करीब $6.56 प्रति गैलन के बराबर होता है लेकिन इन सबके बावजूद, इस करेंट प्राइस हाइक ने अमेरिकी परिवारों और पूरे बिजनेस वर्ल्ड की सच में कमर तोड़कर रख दी है.
डीजल का इस्तेमाल कृषि उपकरणों, मछली पकड़ने वाली नौकाओं, मालवाहक ट्रेनों और ट्रकों में बड़े पैमाने पर होता है और इंडिपेंडेंट ग्रोसर अलायंस (IGA) के मुताबिक भोजन की कुल लागत में अकेले ईंधन का हिस्सा लगभग 15% से 30% तक होता है. यही कारण है कि भोजन और किराना सामानों पर इसका सबसे गंभीर असर देखने को मिल रहा है ताजा सब्जियां, मांस, फल और समुद्री भोजन जिन्हें बार-बार स्टोरों तक पहुंचाना पड़ता है, उनकी कीमतें सबसे पहले बढ़ी हैं.
डेविड ओर्टेगा के अनुसार, जुलाई में अमेरिकी किराना कीमतें पिछले साल के मुकाबले 2.7% बढ़ी थीं, लेकिन समुद्री भोजन की कीमतों में 7% और ताजे फलों में 4.9% की भारी उछाल आई इतना ही नहीं, अमेजन ने अप्रैल में ही कुछ तीसरे पक्ष के विक्रेताओं पर अस्थाई रूप से 3.5% का ईंधन और लॉजिस्टिक्स सरचार्ज लगा दिया था और इसके अलावा यूपीएस, फेडेक्स व अमेरिकी डाक सेवा ने भी अपने शिपिंग शुल्कों में वृद्धि की है.
डीजल की इस आसमान छूती कीमत ने रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए राजनीतिक मुश्किलें बहुत बढ़ा दी हैं. चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं और अमेरिकी जनता पहले से ही ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन से नाराज है. हाल ही में हुए 'AP-NORC' पोल के अनुसार, अमेरिका के दो-तिहाई वयस्क नागरिक इस बात से पूरी तरह असहमत हैं कि ट्रंप देश की अर्थव्यवस्था को ठीक से संभाल पा रहे हैं.
इसके साथ ही, सामान्य पेट्रोल की कीमतें भी बढ़ रही हैं. वर्तमान में साधारण पेट्रोल की औसत कीमत $4.15 प्रति गैलन है, जो पिछले साल इस समय केवल $3.20 थी. AAA के अनुसार, लेबर डे के मौके पर पेट्रोल की कीमत कभी भी $4 से ऊपर नहीं रही थी, लेकिन इस बार इसने उस रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है.