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अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित भूमिगत हथियार परीक्षण स्थल 'ALT-SHIST' में शुरू हुए निर्माण कार्य ने ईरान के सबसे कठिन परमाणु ठिकाने 'पिकैक्स माउंटेन' पर संभावित हमले की अटकलों को तेज कर दिया है. जानिए पेंटागन के बंकर-बस्टर बम GBU-57 और White Sands मिसाइल रेंज से जुड़ी पूरी रिपोर्ट.
DTRA Bunker Buster Test Site: अमेरिका के न्यू मैक्सिको में स्थित सीक्रेट अंडरग्राउंड भूमिगत हथियार परीक्षण स्थल पर अचानक शुरू हुई निर्माण गतिविधियों ने दुनिया भर में रक्षा विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस पूरी हलचल का सीधा कनेक्शन ईरान के सबसे स्ट्रॉन्ग और फुली सिक्योर्ड अंडरग्राउंड न्यूक्लियर बेस 'पिकैक्स माउंटेन' पर फ्यूचर में होने वाले किसी संभावित अटैक के प्लान से हो सकता है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए कई दौर के हमलों के बावजूद पिकैक्स माउंटेन अब तक पूरी तरह अछूता रहा है.
इस नई अटकलबाजी की शुरुआत 27 फरवरी से मानी जा रही है यानी ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों की पहली लहर से ठीक एक दिन पहले. उस दिन पेंटागन की संस्था 'डिफेंस थ्रेट रिडक्शन एजेंसी' (DTRA) ने न्यू मेक्सिको के जोर्नाडा डेल मुएर्टो रेगिस्तान में स्थित 'व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज' के भीतर बने ALT-SHIST टेस्ट साइट पर काम के लिए पेटे कंस्ट्रक्शन कंपनी को सोल-सोर्स अनुबंध सौंपा था. DTRA अमेरिकी सेना की वह महत्वपूर्ण एजेंसी है जो सामूहिक विनाश के हथियारों का मुकाबला करने और उनके खिलाफ रणनीति बनाने का नेतृत्व करती है.
DTRA ने ही 30,000 पाउंड का वह सुपर डेडली बंकर-बस्टर बम 'GBU-57' डेवलप किया था, जिसने गेम ही बदल दिया, इस महाविनाशकारी बम की टेस्टिंग भी पहले इसी व्हाइट सैंड्स रेंज में एकदम नेक्स्ट-लेवल पर की गई थी. फिर जब बात एक्शन की आई, तो 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के दौरान B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के फोर्डो और नतांज वाले गहरे अंडरग्राउंड न्यूक्लियर सेंटर्स को पूरी तरह तबाह करने के लिए इसका पहला वॉर-टाइम यूज किया.
जिसके बाद मिलिट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि फोर्डो पर अटैक की रिहर्सल के लिए भी इसी रेंज के एक अलग हिस्से को चुना गया था, जहां दो वेंटिलेशन शाफ्ट्स को टारगेट करके बैक-टू-बैक छह GBU-57 बम गिराए गए ताकि वे एकदम गहराई में घुसकर ब्लास्ट कर सकें और पूरी साइट को न्यूट्रलाइज कर दें.
DTRA द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों में इस नए निर्माण कार्य के पीछे ईरान का सीधा नाम नहीं लिया गया है, बल्कि केवल एक ‘तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकता’ का हवाला दिया गया है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतना आवश्यक है क्योंकि 'अल्ट-शिष्ट' एक निरंतर एक्टिव रहने वाली परीक्षण साइट है, जहां पिछले साल से Tunnel 7 खंड पर अलग से काम चल रहा है.
इसलिए यह अनुबंध सीधे तौर पर पिकैक्स माउंटेन से जुड़ा है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, किन लगातार जारी हमलों के बीच पिकैक्स माउंटेन के बचे रहने से यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है.