दुनिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ का हथियार उठाया है और इस बार निशाना बना है ब्राजील को. ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील से आने वाले कुछ आयातित उत्पादों पर सीधे 50% का आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है. ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ फैसले ने वैश्विक व्यापार में भूचाल ला दिया है. बुधवार को ट्रंप ने न सिर्फ सात देशों पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगाने की घोषणा की, बल्कि इसके बाद ब्राजील पर भी सीधे 50 प्रतिशत टैरिफ थोपने का ऐलान कर दिया. इस फैसले से अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापार युद्ध (Trade War) की आशंका और गहराने लगी है.
ट्रंप प्रशासन ने पहले अल्जीरिया, इराक, लीबिया, श्रीलंका (30%), ब्रुनेई, मोल्दोवा (25%) और फिलीपींस (20%) पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होंगे. यह कदम अमेरिका की "अमेरिका फर्स्ट" नीति के तहत घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने की मंशा से उठाया गया.
ब्राजील को टैरिफ लिस्ट में शामिल करने के पीछे ट्रंप ने दो कारण बताए. अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापार असंतुलन. ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे में अमेरिकी नाराजगी. ट्रंप ने कहा कि "ब्राजील निष्पक्ष व्यापार नहीं कर रहा और बोलसोनारो के साथ हो रहे व्यवहार को अमेरिका नजरअंदाज नहीं करेगा."
ट्रंप की घोषणा के कुछ ही घंटों में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने "आर्थिक प्रतिशोध (Reciprocal Action)" की चेतावनी दी. उन्होंने अपने बयान में साफ किया, "अगर कोई देश ब्राजील पर एकतरफा टैरिफ लगाता है, तो हम भी जवाबी कदम उठाएंगे."
लूला ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लंबी पोस्ट में लिखा कि, "ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है, जिसकी अपनी स्वतंत्र संस्थाएं हैं. हम किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे."
ट्रंप के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है. ब्राजील, अमेरिका के लिए कृषि और खनिज उत्पादों का अहम निर्यातक है. यदि ब्राजील भी अमेरिका पर टैरिफ लगाता है तो इससे दोनो देशों की अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है.
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