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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के सोशल मीडिया पोस्ट से हंगामा, पीओके के प्रदर्शनकारियों के हाथ-पैर काटने की धमकी दी

ख्वाजा आसिफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को देश के खिलाफ बताया है. ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों की सजा सूली पर चढ़ाना बताया है.

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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के सोशल मीडिया पोस्ट से हंगामा, पीओके के प्रदर्शनकारियों के हाथ-पैर काटने की धमकी दी

ख्वाजा आसिफ के सोशल मीडिया पोस्ट से पाकिस्तान में हंगामा. (फोटो- IANS)

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  • ख्वाजा आसिफ के सोशल मीडिया पोस्ट से पाकिस्तान में हंगामा.
  • कुरान की आयत का जिक्र कर प्रदर्शनकारियों को दी धमकी.
  • ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों की सजा सूली पर चढ़ाना बताया.

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट करके फिर से बड़ा विवाद खड़ा  कर दिया है. इस बार उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया और कुरान की एक आयत का जिक्र करके आफत मोल ले ली. 

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पोस्ट में लिखा, "बातचीत की शुरुआत देश के प्रति वफादारी और पूरी तरह से आज्ञापालन से होती है. आजाद कश्मीर में कुछ गुमराह भाई जो इन दिनों किसी खास एजेंडे पर चलते दिख रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद 5 पढ़ना चाहिए जिसमें देश के प्रति अटूट  वफादारी की बात कही गई है."

ख्वाजा आसिफ ने इसके बाद कुरान की आयत का जिक्र करके विवाद भड़का दिया. ख्वाजा आसिफ ने कुरान की सूरह अल-माइदा की आयत 33 का भी ज़िक्र किया.  इस आयत में कहा गया है, "जो लोग अल्लाह और उसके पैगंबर के ख़िलाफ जंग छेड़ते हैं और जमीन पर फसाद फैलाने की कोशिश करते हैं, उनकी सजा यह है कि उन्हें मार डाला जाए या सूली पर चढ़ा दिया जाए या उनके हाथ-पैर विपरीत दिशाओं से काट दिए जाएं या उन्हें जमीन से निर्वासित कर दिया जाए. यह उनके लिए इस दुनिया में जिल्लत है, और परलोक में उन्हें बहुत बड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी."

ख्वाजा आसिफ की पोस्ट को लेकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोग भड़के हुए हैं. ख्वाजा आसिफ के खिलाफ पाकिस्तान के अंदर ही आवाज उठने लगी है और लोगों ने कहा है कि वे राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ धार्मिक ग्रंथों का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे हैं. आलोचकों ने कहा है कि ख्वाजा आसिफ  विपक्षी आवाजों को  देश का दुश्मन दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. ख्वाजा आसिफ की बातों से ये भी साबित हो गया है कि कुरान की सबसे सख्त सजा वाली आयतों में से एक का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी सरकार और सेना विरोध को दबाने के लिए मजहब का इस्तेमाल कर रही है. 

ख्वाजा आसिफ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी एक्टिविस्ट इमरान रियाज खान ने कहा, "मैं ख्वाजा आसिफ से एक बात कहना चाहता हूं. यही बात मुझसे और ओरिया मकबूल जान से भी कही गई थी. यही बात बंगालियों, बलोचों, पश्तूनों और आदिवासी लोगों से भी कही जाती थी. जो कोई भी मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट से असहमत होता है, उसे इसी आयत  इस्तेमाल करके हाथ-पैर काट देने की धमकी दी जाती है." 

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में क्या हो रहा है?

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, अपने अधिकारों की मांग कर रहे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कोटली निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने बीते दिनों फायरिंग की जिससे सात लोग मारे गए. रावलकोट और मीरपुर में भी लोगों की मौत हुई है. हाल के दिनों में मीरपुर, मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, नीलम और अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) जैसे संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने गेहूं और बिजली जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी, बाहरी लोगों के लिए आरक्षित सीटों को समाप्त करने, राजनीतिक अधिकारों की बहाली और विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों को मिलने वाली सुविधाओं को खत्म करने की मांग की है. लेकिन पाकिस्तान सरकार ने उल्टे JAAC को आतंकी संगठन घोषित करके प्रतिबंध लगा दिया है. पीओके के लोगों की मुख्य शिकायतें गरीबी, बेरोजगारी और स्थानीय संसाधनों के कथित दोहन से जुड़ी हैं. पीओके के लोगों का कहना है कि  मंगला बांध और नीलम-झेलम जैसी परियोजनाओं का लाभ बाकी पाकिस्तान को मिलता है जबकि स्थानीय लोगों को इसका समुचित फायदा नहीं मिल पाता.

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