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PM Modi In UAE: नूपुर शर्मा विवाद के बाद पीएम मोदी का यूएई में भव्य स्वागत, मोदी-कूटनीति का दिखा रंग

PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट (G-7 Summit) से लौटते हुए यूएई पहुंचे थे और वहां उनका स्वागत करने खुद राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पहुंचे थे. नूपुर शर्मा प्रकरण के बाद पीएम मोदी वहां पहुंचे थे लेकिन पीएम का भव्य स्वागत हुआ है. कूटनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस्लामिक देशों के साथ पीएम की कूटनीति अभी भी सफल है. पीएम मोदी का भव्य स्वागत पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका जरूर है.  

PM Modi In UAE: नूपुर शर्मा विवाद के बाद पीएम मोदी का यूएई में भव्य स्वागत, मोदी-कूटनीति का दिखा रंग

UAE के राष्ट्रपति ने किया पीएम का स्वागत

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डीएनए हिंदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट से लौटते हुए कुछ समय के लिए यूएई रुके थे. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रोटोकॉल तोड़कर अबू धाबी एयरपोर्ट पर खुद पीएम मोदी की अगवानी की थी. इतना ही नहीं, यूएई के राष्ट्रपति पीएम मोदी को छोड़ने के लिए एयरपोर्ट उनके साथ ही आए थे. एयरपोर्ट पर पीएम को विदा करने से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाया था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. 

PM Modi पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे
पीएम मोदी यूएई महज कुछ देर के लिए ही क्यों पहुंचे थे, इस पर काफी सवाल भी हो रहे हैं. दरअसल पीएम पूर्व राष्ट्रपति और अबू धाबी शासक शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर शोक जताने के लिए यूएई पहुंचे थे.

पीएम एयरपोर्ट से सीधे यूएई के राष्ट्रपति के महल पहुंचे और शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान को श्रद्धांजलि दी. इसके तुरंत बाद पीएम मोदी अबू धाबी एयरपोर्ट से अपने विशेष विमान से भारत रवाना हो गए थे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को गले लगाया और दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे संबंध साफ नजर आ रहे थे. 

Pakistan को मचेगी भव्य स्वागत देखकर चिढ़ 
कुछ दिन पहले पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यूएई पहुंचे थे. हालांकि, वहां उनका ऐसा जोरदार स्वागत नहीं किया गया था. शरीफ की अगवानी करने के लिए एक जूनियर मिनिस्टर को भेजा गया था. पाकिस्तानी पीएम को इस तरह से नजरअंदाज किए जाने की चर्चा वहां के मीडिया में भी बड़े पैमाने पर हुई थी. 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री देश जर्जर हो चुकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहुत उम्मीद से गए थे. शरीफ को उम्मीद थी कि इस्लामिक देश यूएई से उन्हें कर्ज मिल सकता है. हालांकि, उन्हें इसमें भी ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी थी. 
 

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