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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से रूस के डीजल और तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को कहा है। जानिए इसके पीछे क्या है वजह.
Trump Zelenskyy Diesel Fuel: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से रूस के डीजल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत रोकने का कहा है. आयरलैंड में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की को रूस में डीजल ईंधन को निशाना बनाना बंद करना होगा और इसके अलावा हमले के लिए अन्य कई लक्ष्य मौजूद हैं.
यूक्रेन पिछले कुछ महीनों से रूस के अंदर स्थित तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और ऊर्जा ठिकानों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है. कीव का मानना है कि इन हमलों से मास्को के सैन्य प्रयासों और ऊर्जा राजस्व को कमजोर किया जा सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने आयरलैंड में मीडिया से कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति जेलेंस्की से सीधी बात की है. उन्होंने कहा, जेलेंस्की को एक काम करना होगा. उन्हें रूस में डीजल ईंधन पर हमले बंद करने होंगे. हमले के लिए और भी बहुत से लक्ष्य मौजूद हैं, डीजल पर हमला न करें.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक सप्ताह पहले ही ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मास्को और कीव का दौरा किया था. 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से अमेरिकी दूतों की यूक्रेन की यह पहली यात्रा थी. इन दूतों ने मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और इसके बाद कीव जाकर जेलेंस्की के साथ वार्ता की.
विश्व के दूसरे सबसे बड़े डीजल निर्यातक देश रूस में यूक्रेन के इन हमलों के कारण घरेलू स्तर पर डीजल की भारी किल्लत पैदा हो गई है. यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने कई रूसी रिफाइनरियों को अस्थायी रूप से बंद करने पर मजबूर कर दिया है, जिससे ईंधन उत्पादन में भारी गिरावट आई है.
इस घरेलू ईंधन संकट से निपटने और बाजार को स्थिर करने के लिए मास्को ने अपने डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है. यूक्रेन का तर्क है कि ऊर्जा राजस्व ही रूसी युद्ध मशीन की मुख्य ताकत है, इसलिए वह रूस के भीतर तक हमला कर रहा है.
ट्रंप ने बताया कि उनकी राष्ट्रपति पुतिन के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और पुतिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शुरू हुए इस तनाव को खत्म वाले समझौते को लेकर इच्छा जताई है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि शांति समझौते में सबसे बड़ी रुकावट दो ऐसे लोग हैं जो एक-दूसरे से बेहद नफरत करते हैं, जिनका इशारा पुतिन और जेलेंस्की की तरफ था.
दूसरी ओर, पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की ने शांति की संभावनाओं पर निराशा व्यक्त की है. सिकोर्स्की ने कहा कि मास्को सीजफायर के प्रस्तावों को खारिज कर रहा है और उसने अपने युद्ध के उद्देश्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती है.