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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से रूस के डीजल और तेल ठिकानों पर हमलों को रोकने का आग्रह किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से अपील की है कि वे रूस के डीजल ठिकानों को निशाना बनाना बंद करें. ट्रंप का कहना है कि यूक्रेन के इन हमलों की वजह से रूस और दुनिया भर में डीजल की भारी कमी हो रही है. उन्होंने ये बात रविवार (13 सितंबर 2026) को आयरलैंड के डूनबेग गांव स्थित अपने गोल्फ क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान कही.
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि जेलेंस्की को एक काम तुरंत करना चाहिए, वे रूस के डीजल ईंधन पर हमले रोक दें. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास निशाना बनाने के लिए और भी कई ठिकाने हैं, लेकिन डीजल को बख्श देना चाहिए क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर भी डीजल की कमी और कीमतें बढ़ रही हैं.
दरअसल, यूक्रेन पिछले कई महीनों से लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से रूस के तेल व गैस उद्योग को निशाना बना रहा है. कीव का मानना है कि यह उद्योग न केवल रूस की सेना को ईंधन देता है, बल्कि इस युद्ध को आर्थिक मदद भी पहुंचाता है.
यूक्रेनी हमलों का असर अब रूस में दिखने लगा है. कई इलाकों में ईंधन की राशनिंग शुरू हो गई है, जो कि दुनिया के सबसे बड़े तेल-गैस निर्यातकों में से एक देश के लिए बड़ी बात है. इसके अलावा, यूक्रेन ने रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों को भी निशाना बनाया, जिससे युद्ध का असर रूस के आम लोगों तक सीधे पहुंचने लगा है.
इसी दौरान ट्रंप ने अपने एक चुनावी वादे को दोहराते हुए कहा कि अगर आने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना कब्जा बरकरार रखती है, तो देश के हर वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर दिए जाएंगे. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सरकार के पास भरपूर पैसा आ रहा है, इसलिए इस योजना को लागू करना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं होगा.
दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब और होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाजों पर हुए हमलों के बाद कच्चे तेल के दामों में 3 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई. ब्रेंट क्रूड 3.46% बढ़कर 108.23 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई 3.15% बढ़कर 103.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसका गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज यूएसएस जॉन पॉल जोन्स (DDG 53) और उसके MH-60R सी हॉक हेलीकॉप्टर ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी को लागू करने में जुटे हैं. 13 सितंबर तक अमेरिकी सेना नाकेबंदी का पालन कराने के लिए करीब 101 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदलवा चुकी है.
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