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थाईलैंड के संवैधानिक कोर्ट ने प्रधानमंत्री Paetongtarn Shinawatra को उनके पद से सस्पेंड कर दिया है. 1 जुलाई से उन्हें प्रधानमंत्री के कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है.
थाईलैंड की प्रधानमंत्री Paetongtarn Shinawatra को उनके पद से सस्पेंड कर दिया गया है. उन्हें सस्पेंड करने का फैसला थाईलैंड के संवैधानिक कोर्ट ने किया है. शिनावात्रा पर मंत्री पद के एथिक्स के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. 1 जुलाई से उन्हें प्रधानमंत्री के कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है.
Paetongtarn Shinawatra पर कंजर्वेटिव पार्टी के सेनेटर्स ने मंत्री पद की गरिमा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था. थाईलैंड की संवैधानिक कोर्ट ने 7-2 के मेजॉरिटी से प्रधानमंत्री को सस्पेंड करने का फैसला सुनाया है. फैसले के मुताबिक, जब तक कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई पूरी नहीं होती तब तक वह प्रधानमंत्री के तौर पर काम नहीं करेंगी.
थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच लंबे समय से टेरिटोरियल विवाद चल रहा है. मई में क्रॉस बॉर्डर क्लैश में एक कम्बोडियन जवान की मौत हो गई थी. इसके बाद जब फोन पर शिनावात्रा ने कम्बोडिया के नेता हन सेन से बात की तो उन्होंने उन्हें अंकल कहकर बुलाया और थाईलैंड के मिलिट्री कमांडर को अपना विरोधी बताया. जिसके बाद उन पर एथिक्स के उल्लंघन के आरोप लगे.
इस मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई है. कोर्ट ने फैसला आने तक शिनावात्रा को प्रधानमंत्री के पद से सस्पेंड कर दिया है.
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