दुनिया
मिडिल ईस्ट तनाव और भी बढ़ता जा रहा है. जब इजराइल और ईरान पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई थी तभी सीरिया की एक चर्च में आतंकी हमला हो गया. आइए जानने हैं पूरा मामला
मिडिल ईस्ट में इस समय स्थिति बहुत खराब हो चुकी है. इधर-इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज हो गई है, उधर सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई हैं. जानकारी के मुताबिक हमलावर ने लोगों की भीड़ से भरी चर्च में खुद को बम से उड़ा दिया. चर्च में मौजूद सभी लोग अपने भगवान से प्राथना कर रहे थे लेकिन वे लोग क्या ही जानते थे कि अगले पल क्या होने वाला है. अधिकारियों के मुताबिक हमलवार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा था.
टेबलों और फर्श पर बिखरा खून
इस हमले के बाद चर्च के अंदर से भयानक तस्वीरें सामने आ रही हैं. ये तस्वीरें किसी को भी हताहत कर सकती है. चर्च की वायरल हो रही तस्वीरों में बेंच और फर्श पर लगे खून के दाग दिखाई दे रहे हैं. देश के आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि खुद को उड़ाने से पहले हमलवार ने गोलीबारी भी की थी, इस बयान में कहा गया है कि "दाएश (आईएस) आतंकवादी समूह से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर ने ड्वेला इलाके में सेंट एलियास चर्च में घुसते ही गोलीबारी शुरू कर दी. फिर उसने विस्फोटक बेल्ट से खुद को उड़ा लिया."
22 लोगों की मौत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में अभी तक कुल 22 लोगों की जान गई है. वहीं 63 लोग घायल है जिनका इलाज चल रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता हैं. लॉरेंस मामारी ने एएफपी को बताया कि एक शख्स अंदर घुसा और गोलीबारी शुरू कर दी. उन्होंने कहा, "लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने खुद को उड़ा लिया." वगौर करने वाली बात ये है कि 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध के बाद सीरिया में चर्च के अंदर ये पहला हमला था.
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