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इस देश में 44 साल बाद फिर लगा इमरजेंसी मार्शल लॉ, 'कम्युनिस्ट ताकतों' से बचाने के लिए उठाया गया कदम

दक्षिण कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां दक्षिण कोरियाई सरकार ने मंगलवार को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए देश में इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा कर दी है.

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इस देश में 44 साल बाद फिर लगा इमरजेंसी मार्शल लॉ, 'कम्युनिस्ट ताकतों' से बचाने के लिए उठाया गया कदम
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South Korea Declares Emergency Martial Law : दक्षिण कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां दक्षिण कोरियाई सरकार ने मंगलवार को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए देश में इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा कर दी है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सूक येओल ने मंगलवार को एक आपातकालीन राष्ट्रीय संबोधन में मार्शल लॉ की घोषणा की, जिसका सीधा प्रसारण किया गया.  उन्होंने देश को कम्युनिस्ट ताकतों से बचाने के लिए इसे आवश्यक कदम बताया. 

'राज्य विरोधी ताकतों का सफाया करेंगे'
YTN टेलीविजन पर देर रात दिए गए अपने संबोधन में येओल ने दावा किया कि वह 'बेशर्म उत्तर कोरिया समर्थक राज्य विरोधी ताकतों' का सफाया कर देंगे. हालांकि उन्होंने उत्तर कोरिया से किसी विशेष खतरे का उल्लेख नहीं किया, लेकिन यून ने दक्षिणी राजनीतिक क्षेत्र में अपने विरोधियों पर निशाना साधा.  इस कदम ने पूरे देश को इसलिए चौंका दिया है क्योंकि यहां इतिहास में कई तानाशाही नेता रहे हैं. 1980 के दशक से दक्षिण कोरिया ने कथित तौर पर लोकतांत्रिक नेताओं को देखा है. इस निर्णय से कोरियाई मुद्रा ' वॉन' में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज गिरावट दर्ज की गई है.

कम्युनिस्ट ताकतों से बचाने के लिए कदम
येओन ने कहा, 'मैं कोरिया के स्वतंत्र गणराज्य को उत्तर कोरियाई साम्यवादी ताकतों के खतरे से बचाने, हमारे लोगों की स्वतंत्रता और खुशी को लूटने वाली घृणित उत्तर कोरियाई समर्थक राज्य विरोधी ताकतों को खत्म करने और स्वतंत्र संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए मार्शल लॉ की घोषणा करता हूं.' हालांकि, राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि इस स्थिति में क्या उपाय किए जाएंगे. इस बीच योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि संसद के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है. योनहाप ने यह भी बताया कि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ने ही येओन को मार्शल लॉ का प्रस्ताव दिया था.

विपक्षी पार्टी ने क्या कहा?
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ली जे-म्यांग ने कहा, 'टैंक, बख्तरबंद कार्मिक वाहक, और बंदूकों और चाकुओं से लैस सैनिक देश पर शासन करेंगे.' ली ने एक ऑनलाइन लाइवस्ट्रीम में कहा, 'कोरिया गणराज्य की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी. मेरे साथी नागरिकों, कृपया नेशनल असेंबली में आएं.' 

यून ने अपने संबोधन में इस सप्ताह डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव का भी हवाला दिया. उनका कदम दक्षिण कोरिया के कुछ शीर्ष अभियोजकों पर महाभियोग चलाना और सरकार के बजट प्रस्ताव को अस्वीकार करना था. सोमवार को, दक्षिण कोरियाई मंत्रियों ने सरकार के बजट प्रस्ताव से 4 ट्रिलियन वॉन से अधिक की कटौती करने के विपक्ष के कदम का विरोध किया था. यून ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई सरकार के आवश्यक कामकाज को कमजोर करती है.


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क्या होता है मार्शल लॉ?  
सरल शब्दों में कहें तो, मार्शल लॉ का मतलब है नागरिक सरकार की जगह सैन्य शासन और सैन्य शक्तियों के लिए नागरिक कानूनी प्रक्रियाओं का निलंबन. जब तक मार्शल लॉ जारी रहता है, तब तक मानक नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित हो सकती हैं. मार्शल लॉ एक तरह का सैनिक कानून है. इसमें सैन्य बलों को किसी क्षेत्र पर शासन और नियंत्रण का अधिकार दिया जाता है. 

 

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