Advertisement

सिंधु जल संधि रोके जाने से बौखलाया पाकिस्तान, नए तरीके से भारत को तनाव देने का बना रहा प्लान

सिंधु जल संधि को लेकर भारत द्वारा उठाए गए कदम के बाद अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की बात कही ह. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया है, जिसमें अब चीन भी दिलचस्पी दिखा रहा है.

Latest News
सिंधु जल संधि रोके जाने से बौखलाया पाकिस्तान, नए तरीके से भारत को तनाव देने का बना रहा प्लान

Prime Minister Shehbaz Sharif

Add DNA as a Preferred Source

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोकने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में बयान दिया कि उनकी सरकार आने वाले वर्षों में पानी को संचित करने की क्षमता बढ़ाएगी. उनका यह बयान जल संकट के साथ-साथ भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों को भी उजागर करता है. 

NDMA को दी अहम भूमिका 

शरीफ ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के दौरे के दौरान कहा कि NDMA यानी नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, जल प्रबंधन की इस नई योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान, भारत द्वारा सिंधु जल संधि रोकने के बाद उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मनिर्भर उपाय करेगा. 

डायमर भाषा बांध को लेकर इरादा साफ 

शहबाज शरीफ ने इशारा किया कि सरकार अब डायमर भाषा बांध और अन्य बड़े जल परियोजनाओं पर तेजी से काम करेगी. यह बांध सिंधु नदी पर POK के खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान के बीच बन रहा है. 272 मीटर ऊंचे इस RCC (Roller Compacted Concrete) डैम को दुनिया का सबसे बड़ा कंक्रीट बांध बताया जा रहा है. इसके जलाशय की क्षमता करीब 8 मिलियन एकड़ फीट होगी. 

चीन की भूमिका और CPEC का कनेक्शन 

इस परियोजना में चीन की दिलचस्पी भी चिंता का विषय है. चीन इस बांध को अपने चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का हिस्सा बनाना चाहता है, जिससे भारत की सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं. चीन की भागीदारी से यह परियोजना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन जाती है. 

पहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त रुख 

भारत ने अप्रैल 2024 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि को रोकना भी शामिल था. भारत ने साफ कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि बहाल नहीं की जाएगी. 

 

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement