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यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा मक्का, जेद्दा और ताइफ में हमलों की चेतावनी के बाद सऊदी अरब में हाई अलर्ट जारी किया गया है. मिसाइल व ड्रोन हमलों में 13 लोगों के घायल होने के बाद यमन में चार साल पुराना युद्धविराम टूट गया है.
Saudi Arabia Alert Mecca Jeddah: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सीमा पार हमलों को तेज करने के बीच सऊदी अरब ने अपने पवित्र शहर मक्का, जेद्दा और ताइफ गवर्नरेट में संभावित हमलों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. यह अलर्ट यमन की ओर से दागी गईं कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों के उस हमले के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में 13 लोग घायल हो गए थे. इस हमले के जवाब में सऊदी अरब ने भी यमन में हूती ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं.
इस बीच, हूती विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तटीय शहर मोचा पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है. लाल सागर के पास स्थित मोचा पर कब्जे से हूती विद्रोहियों को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य तक सीधी पहुंच मिल गई है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग है. लाल सागर के आसपास हुती लड़ाकों की बढ़ती उपस्थिति और तेल टैंकरों पर हमलों से वैश्विक समुद्री व्यापार तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट गहरा गया है.
सऊदी अरब पर लगातार होते हूती हमलों ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए सुरक्षा व रक्षा समझौतों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा समझौते का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने ईरान से सीधे तौर पर हूती विद्रोहियों पर लगाम कसने का आग्रह किया है. इस स्थिति के कारण पाकिस्तान, ईरान, सऊदी अरब और हुती समूहों के बीच सैन्य व कूटनीतिक तनाव और अधिक भड़कने की आशंका जताई जा रही है.
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच इस नए सैन्य संघर्ष के कारण पिछले चार वर्षों से जारी शांतिपूर्ण युद्धविराम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. इस गृहयुद्ध की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. उस समय हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी साना पर हमला करके कब्जा कर लिया था और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया था. हूती कब्जे के कारण यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को देश छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा था.
इसके बाद साल 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में एक बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन गठित किया गया, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल था. इस गठबंधन ने यमनी सरकार की बहाली और हूती विद्रोहियों को पीछे धकेलने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया था. पिछले एक दशक के दौरान इस भीषण संघर्ष ने दुनिया के सबसे खतरनाक मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है, जहां लाखों नागरिक विस्थापन, भुखमरी और लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं.