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सऊदी अरब के शहरों और लाल सागर में जहाजों पर हूती हमलों की कतर ने कड़ी निंदा की है. इन हमलों में 73 नागरिक घायल हुए हैं और अरामको तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया है.
Houthi Attacks On Saudi: मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और शांति का संकट एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है. यमन के हूती विद्रोही समूहों द्वारा लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और सऊदी अरब के प्रमुख नागरिक व आर्थिक ठिकानों पर किए गए हमलों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. इस सैन्य टकराव की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन और पड़ोसी देश कतर ने हूती समूह की कड़ी आलोचना की है.
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने घोषणा की है कि हूती समूह की सैन्य गतिविधियां 'खतरनाक रूप से तनाव बढ़ाने वाली' हैं. गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, हूतियों ने सऊदी अरब के प्रमुख रिहायशी और आर्थिक शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की है.
हूती हमलों की चपेट में आने वाले शहरों में आभा, खमीस मुशैत, जाजान और नज्रान शामिल हैं. इन हमलों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के कारण महिलाओं और बच्चों सहित कुल 73 निर्दोष नागरिक घायल हुए हैं. इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये की कतर के विदेश मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कड़ी निंदा की है.
दूसरी तरफ, हूती ग्रुप के ऑफिशियल मीडिया आउटलेट 'अंसारुल्लाह' ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के भीतर कई क्रूशियल ठिकानों पर सफल हमले किए हैं, जिनमें उनके निशाने अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी अरब की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी अरामको की आभा और जाजान स्थित इंडस्ट्रियल यूनिट्स थीं.
Massive fire in Jizan, Saudi Arabia, after reported Houthi strikes on Aramco facilities. pic.twitter.com/KIF4NjJUhb
— Open Source Intel (@Osint613) September 8, 2026
इसके साथ ही, हूती समूह ने सऊदी अरब पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. हूतियों का दावा है कि सऊदी अरब की सेना ने यमन के युद्ध प्रभावित प्रांतो अल-जौफ, अल-बैदा, मारीब और ताइज में भारी हवाई हमले और क्रूज मिसाइलें दागी हैं. इसी बीच, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने सोमवार को उत्तरी अल-जौफ प्रांत के आसमान में सऊदी अरब के एक CH-4 निगरानी ड्रोन को मार गिराया है.
यह संकट केवल जमीन तक सीमित नहीं है. हूती समूह लगातार लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहा है. कतर ने चेतावनी दी है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं.
A video released by Yemen's Houthis showed smoke billowing from trucks near Al-Wadiah on the Yemen-Saudi border after what the group said was an attack targeting trucks coming from Saudi Arabia https://t.co/EcT7NUx8qR pic.twitter.com/ik4IZXYt50
— Reuters (@Reuters) September 8, 2026
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है. इस स्वतंत्रता की गारंटी 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) द्वारा दी गई है, जिसका हूती समूह सीधे तौर पर उल्लंघन कर रहा है. कतर ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सभी सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है.
बढ़ते तनाव के बीच, कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने और इन उल्लंघनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की है. कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लागू करने की मांग की है, जिसमें विशेष रूप से यमन पर लाया गया प्रस्ताव 2216 और लाल सागर की सुरक्षा से जुड़ा प्रस्ताव 2722 शामिल हैं.
वहीं, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने साफ कर दिया है कि उनकी संयुक्त सेना कमान हूती समूह को रोकने, इन खतरों का जवाब देने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी सैन्य कदम उठाएगी.