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सऊदी अरब ने हज के मौके पर मक्का में सुरक्षा बढ़ाते हुए एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं. अब सवाल ये उठता है कि आखिर यह सुरक्षा किस खतरे के लिए तैनात की गई है?
हर साल लाखों मुस्लिम हज करने के लिए सऊदी अरब के मक्का पहुंचते हैं. यह इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र तीर्थ है. इस बार 4 जून से शुरू हुए हज के दौरान करीब 14 लाख लोग मक्का पहुंचे, जिनमें भारत से भी हजारों तीर्थयात्री शामिल थे. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने के चलते सऊदी अरब ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल और हेलिकॉप्टर से काबा की निगरानी होते देखा जा सकता है. अब सवाल ये उठता है कि आखिर यह सुरक्षा किस खतरे के लिए तैनात की गई है?
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हज के दौरान जो तस्वीरें साझा की हैं, उनमें अमेरिकी पैट्रियट MIM-104 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और सैन्य हेलिकॉप्टर नजर आ रहे हैं. मंत्रालय ने लिखा, 'एयर डिफेंस फोर्सेज…वह आंख जो कभी नहीं झपकती और खुदा के मेहमानों की हिफाजत करती है.' इस कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण हूती विद्रोही को बताया जा रहा है. यमन के हूती लड़ाके पहले भी सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुके हैं. यही वजह है कि मक्का जैसे संवेदनशील स्थान पर हाई-टेक डिफेंस सिस्टम तैनात करना जरूरी समझा गया.
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हाल के वर्षों में मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए सऊदी अरब कोई चूक नहीं करना चाहता. यही कारण है कि हज जैसे आयोजन के दौरान वह हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है. मक्का में मौजूद मस्जिद अल-हराम, जहां काबा स्थित है, उसकी सैन्य निगरानी ने एक बार फिर यह जता दिया है कि भले ही धार्मिक आयोजन हो, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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