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Saudi Arab में शुरू हो गया The Line City का काम, रचेगा इतिहास या बन जाएगा खंडहर?

The Line City PHOTOS: सऊदी अरब में 170 किलोमीटर लंबे और बिल्कुल सीधे शहर The Line City को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है.

Saudi Arab में शुरू हो गया The Line City का काम, रचेगा इतिहास या बन जाएगा खंडहर?

The Line City Saudi Arabia

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डीएनए हिंदी: सऊदी अरब ने दुनिया का आठवां अजूबा बनाने का काम शुरू कर दिया है. यह है NEOM प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही The Line City. सऊदी अरब की सरकार के मुताबिक, यह एक ऐसा शहर होगा जिससे कार्बन का उत्सर्जन (Zero Carbon Emission) बिल्कुल शून्य होगा. योजना है कि इस पूरे शहर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जबरदस्त होगा लेकिन यहां गाड़ियां नहीं चलेंगी. कुछ महीनों पहले जब सऊदी अरब ने इसका कॉन्सेप्ट पेश किया था तब भी इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाए गए थे. सऊदी ने अब इसके लिए सचमुच काम शुरू कर दिया है. निर्माण कार्य शुरू करने के लिए खुदाई शुरू हो गई है और आसपास के इलाकों में कैंप भी लगने शुरू हो गए हैं. सामने आई तस्वीरों ने इस प्रोजेक्ट की ओर एक बार फिर से ध्यान खींचा है. हालांकि, इसकी व्यापकता और खर्च को देखते हुए अभी भी संशय बना हुआ है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होकर इतिहास बनाने वाला है या दुनिया के कई फेल प्रोजेक्ट की तरह यह भी एक खंडहर में तब्दील हो जाएगा.

NEOM प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही The Line City की लंबाई लगभग 170 किलोमीटर होगी. इसका नाम ही बता रहा है कि यह शहर बिल्कुल सीधी रेखा में बन रहा है. इसमें दो लाइनों में लंबी और ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी जिनके बीच भरपूर हरियाली होगी और लाखों लोगों के घर और दफ्तर बसें होंगे. एक अनुमान है कि इस पूरे शहर को बनाने का खर्च लगभग 98 हजार करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा होगा. इस शहर को सऊदी अरब के वीरान पड़े रेगिस्तान में बनाया जा रहा है.

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50 साल में तैयार होगा प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट की दोनों लाइनों में लगभग 1600 फीट ऊंची इमारतें होंगी. पूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा होने में लगभग 50 साल लग सकता है. शहर का बेस तैयार करने के लिए खुदाई शुरू हो गई है. खुदाई भी बिल्कुल सीधी की जा रही है इस वजह से कुछ ही दिनों में लोगों को 'द लाइन सिटी' जमीन पर उतरती दिखने लगी है. 

जॉर्डन और मिश्र की सीमा वाले इलाके में बनाए जा रहे इस शहर के बारे में कहा जा रहा है कि शुरुआती फेज की इमारतों में 2030 तक लोग रहना शुरू कर देंगे. इसके अलावा, कुछ इमारतों को कारोबारी कामों के लिए भी दिया जा सकता है. प्रोजेक्ट इतना बड़ा है इसलिए कहा जा रहा है कि छोटे-छोटे हिस्सों को पहले खोला जाएगा जिससे प्रोजेक्ट में लोगों की रोचकता बनी रहे.

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सिर्फ़ 20 मिनट में तय होगी 170 किलोमीटर की दूरी
170 किलोमीटर लंबे और 200 मीटर चौड़े इस शहर को अभी से दुनिया का आठवां अजूबा कहा जाने लगा है. सऊदी अरब का वादा है कि बिना गाड़ियों के भी इतने लंबे शहर के एक छोर से दूसरे छोर में जाने के लिए सिर्फ़ 20 मिनट का समय लगेगा. अगर यह प्रोजेक्ट सफल होगा तो ट्रांसपोर्ट के लिहाज से भी यह दुनिया को नई दिशा दिखाएगा.

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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बिजली मिलेगी और यहां डीजल-पेट्रोल जैसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं होगी. सऊदी अरब की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और प्रोजेक्ट के इतने बड़े आकार को देखते हुए इसे शुरुआत से ही शंका की निगाह से देखा जा रहा है.

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