Advertisement

Russia-Ukraine War: 'हम युद्धविराम को तैयार, लेकिन...', पुतिन ने ट्रंप और PM मोदी को कहा धन्यवाद

Russia-Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं का आभार व्यक्त किया. हालांकि, साथ ही उन्होंने युद्धविराम को लेकर कुछ शर्तें भी रखी हैं.

Latest News
Russia-Ukraine War: 'हम युद्धविराम को तैयार, लेकिन...', पुतिन ने ट्रंप और PM मोदी को कहा धन्यवाद

पूतिन ने PM मोदी को कहा धन्यवाद
 

Add DNA as a Preferred Source

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में युद्धविराम के समर्थन की बात कही. उन्होंने कहा कि रूस केवल तभी संघर्ष विराम को स्वीकार करेगा जब इससे युद्ध की वास्तविक जड़ें खत्म हों और स्थायी शांति की गारंटी मिले. बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ लूला और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा सहित कई नेताओं का धन्यवाद किया. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के दबाव के कारण यूक्रेन युद्धविराम पर विचार कर सकता है.

पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संकट पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए वैश्विक नेताओं का धन्यवाद किया और युद्धविराम को लेकर रूस की स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के साथ युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन यह केवल तभी संभव होगा जब इससे संघर्ष की मूल वजहें समाप्त हों और शांति की स्थायी गारंटी मिले.

संघर्ष विराम को लेकर तैयार

इसके साथ ही, पुतिन ने संकेत दिए कि यूक्रेन के युद्धविराम पर विचार करने के पीछे अमेरिका की भूमिका हो सकती है. उन्होंने कहा कि हाल ही में सऊदी अरब में हुई अमेरिका-यूक्रेन वार्ता के बाद यह संकेत मिले हैं कि कीव सरकार वॉशिंगटन के दबाव में संघर्ष विराम को लेकर तैयार हो सकती है. पुतिन के इस बयान से संकेत मिलता है कि रूस शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन वह केवल अस्थायी युद्धविराम के पक्ष में नहीं है, बल्कि स्थायी समाधान चाहता है. रूस की यह शर्त महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अब तक यूक्रेन और पश्चिमी देश रूस को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए थे.


यह भी पढ़ें: Pakistan Train Hijack: 'हमलावरों ने कहा पीछे मुड़े तो गोली मार देंगे', हाईजैक होने वाली ट्रेन में सवार यात्रियों ने सुनाई आपबीती


कूटनीति के जरिए सुलझाने की जरूरत

भारत इस युद्ध को लेकर पहले से ही शांति की अपील करता रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार इस संघर्ष को कूटनीति के जरिए सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया है. रूस और भारत के करीबी संबंधों को देखते हुए पुतिन द्वारा मोदी का धन्यवाद किया जाना दर्शाता है कि भारत इस संकट में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और तब से यह जारी है. इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और कई शहर तबाह हो चुके हैं. ऐसे में, वैश्विक नेताओं के प्रयासों के बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यूक्रेन और रूस के बीच कोई ठोस शांति समझौता हो सकता है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement