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Russia-Ukraine War: पुतिन ने यूक्रेन के 2 क्षेत्रों को किया स्‍वतंत्र घोषित, 15% से ज्यादा जमीन पर रूस का कब्जा

Russia-Ukraine War: रूस पूर्वी यूक्रेनी क्षेत्रों - Kherson और Zaporizhzhia को अपना हिस्सा घोषित करने के लिए एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित करेगा.

Russia-Ukraine War: पुतिन ने यूक्रेन के 2 क्षेत्रों को किया स्‍वतंत्र घोषित, 15% से ज्यादा जमीन पर रूस का कब्जा

Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin. (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने गुरुवार को दो यूक्रेनी क्षेत्रों - खेरसॉन (Kherson) और जापोरिज्जिया (Zaporizhzhia) की स्वतंत्रता को मान्यता देने वाले फरमानों पर हस्ताक्षर किए. यूक्रेन-रूस वॉर के मद्देनजर यह पुतिन का एक बड़ा कदम माना जा रहा है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि रूस पूर्वी यूक्रेनी क्षेत्रों को रूस का हिस्सा घोषित करने के लिए शुक्रवार दोपहर मास्को में एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित करेगा, जहां इसकी औपचाकिर घोषणा की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह रूस यूक्रेन का लगभग 15% हिस्सा हथियाने में कामयाब रहा है.

इससे पहले, रूस ने ऐलान किया था कि यूक्रेन के जिन चार इलाकों में जनमत संग्रह कराया गया था वहां के लोगों ने रूस में शामिल होने का फैसला लिया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जानकारी दी है कि कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें इन क्षेत्रों को औपचारिक तौर पर रूस में शामिल कर लिया जाएगा. 

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दिमित्री पेसकोव ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूक्रेन के इन चार क्षेत्रों के प्रमुख क्रेमलिन के सेंट जॉर्ज हॉल में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान रूस में शामिल होने के लिए संधियों पर हस्ताक्षर करेंगे. इसके बाद व्लादिमीर पुतिन एक संबोधन भी देंगे जिसमें वह अपनी बात रखेंगे. यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने इस जनमत संग्रह की निंदा की है.

फिनलैंड ने रूसी नागरिकों के लिए बंद किया बॉर्डर
इसके विरोध में फिनलैंड ने ऐलान किया है कि रूस के साथ लगी सीमा को बंद किया जा रहा है. अब यूरोपियन यूनियन वाला वीजा लेकर कोई भी रूसी नागरिक फिनलैंड में नहीं घुस पाएगा. दूसरी तरफ, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक डिक्री पर साइन किया जिसके तहत रूसी सरकार अब पश्चिमी देशों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा सकेगी. यह प्रतिबंध सामान लाने वाले ट्रकों पर तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.

जनमत संग्रह को अवैध बता रहे हैं यूरोपीय देश
रूस के इस जनमत संग्रह को 'अवैध' माना जा रहा है और यूरोपीय देश खुलकर इसका विरोध कर रहे हैं. जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा है कि जर्मनी इस फैसले को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. ओलाफ शोल्ज ने वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत में कहा कि वे यूक्रेन के साथ खड़े हैं. कनाडा ने भी कहा है कि वह रूस की इस गतिविधि के खिलाफ है और वह ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा.  सर्बिया और कनाडा ने खुलेआम कहा है कि वे रूस के इस जनमत संग्रह के खिलाफ हैं.

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आपको बता दें कि रूस ने यूक्रेन के खेरासन, ज्यापोरिज्जिया, डोनबास और खार्कीव इलाकों पर कब्जा कर लिया है. इसके बाद, रूस ने क्रीमिया की तरह ही इन इलाकों में बी जनमत संग्रह कराया. रूस का दावा है कि जनमत संग्रह में लोगों ने रूस में शामिल होने का फैसला किया है. वहीं, यूक्रेन समेत तमाम देश इस जनमत संग्रह को ही मानने से इनकार कर रहे हैं.

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