Advertisement

Russia-Ukraine War: रूसी सेना के ट्रेनिंग सेंटर पर आतंकी हमला, 11 की मौत, 15 से ज्यादा घायल

रूसी सेना के ट्रेनिंग कैंप पर कुछ आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की है जिसको लेकर रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया है.

Russia-Ukraine War: रूसी सेना के ट्रेनिंग सेंटर पर आतंकी हमला, 11 की मौत, 15 से ज्यादा घायल
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: रूसी सेना (Russia Army) जहां एक तरफ पिछले 7 महीनों से यूक्रेन के खिलाफ (Russia-Ukraine War) संघर्ष कर रही है तो वहीं दूसरी ओर अब आतंकियों ने भी इन्हें निशाने पर लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी सेना के यूक्रेन की सीमा से लगे बेलगोरोद इलाके वाले सैनिक ट्रेनिंग कैंप पर आतंकियों ने हमला कर ताबड़तोड़ फायरिंग की है. इसके चलते 11 लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की खबरें हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर आतंकियों की संख्या 2 थी और जवाबी कार्रवाई में दोनों को मार गिराया गया है.

इस आतंकी हमले को लेकर रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यह हमला एक पूर्व सोवियत राज्य के दो नागरिकों ने ट्रेनिंग के दौरान अंधाधुंध गोलियां चलाकर किया था और वे दोनों जवाबी गोलीबारी में मारे गए. मंत्रालय का कहना है कि इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई है और 15 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

गुजरात में AAP को कमजोर नहीं समझ रही BJP, केजरीवाल फैक्टर के खिलाफ प्लान तैयार! जानिए सबकुछ  

विशेष ट्रेनिंग कैंप पर हुआ हमला

इस हमले को लेकर दी गई न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 15 अक्टूबर को एक पूर्व सोवियत गणराज्य के दो नागरिकों ने बेलगोरोद इलाके में पश्चिमी सैन्य जिले के ट्रेनिंग रेंज में आतंकवादी हमला किया था. सीआईएस या स्वतंत्र राज्यों का राष्ट्रमंडल उन गणराज्यों से मिलाकर बनाया गया है जो पहले सोवियत संघ का हिस्सा थे.

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमला यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान के लिए स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण सत्र के दौरान हुआ है. इसके चलते 11 लोगों की मौत हो गई अन्य 15 लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पतालों में भेजा गया है जहां उनका इलाज जारी है.

गांबिया में 66 बच्चों की मौत: कफ सिरप पर सरकारी समिति का जवाब- WHO का डेटा है अधूरा

यूक्रेनी सेना ने बढ़ा रखी है टेंशन

आपको बता दें कि हाल ही में 2,00,000 से अधिक लोगों को रूसी सेना में शामिल किया गया था. हालांकि लामबंदी की घोषणा के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और भर्ती कार्यालयों पर कई हमले किए भी गए थे जिसके खिलाफ रूस एक अलग अभियान चला रहा है. गौरतलब है कि यूक्रेन के साथ लंबे खिंचते युद्ध के चलते रूसी सेना को लेकर नाकारात्मक माहौल बनने लगा है. वहीं इन सबके चलते यूक्रेनी सेना का मनोबल भी बढ़़ा हुआ है जो कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बड़ी टेंशन भी है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement