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यूक्रेन में पिछले 24 घंटों के दौरान रूसी ड्रोन हमलों ने भारी तबाही मचाई है. ओडेसा में एक ट्रेन को निशाना बनाया गया, जिसमें चालक दल के दो सदस्यों सहित देश भर में 8 लोगों की जान चली गई.
Russia Odesa Train Drone Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और भी भयानक रूप लेता जा रहा है. पिछले 24 घंटों में रूसी सेना ने यूक्रेन के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. इन हमलों में कम से कम 8 नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 50 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. सबसे दर्दनाक घटना ओडेसा प्रांत में हुई, जहां एक पैसेंजर ट्रेन को रूसी ड्रोन ने अपना निशाना बनाया.
यूक्रेनी रेलवे के सीईओ ओलेक्सांद्र पेर्टसोवस्की ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ओडेसा ओब्लास्ट में एक रूसी 'जेट-पावर्ड' अटैक ड्रोन सीधे पैसेंजर ट्रेन से जा टकराया. इस हमले में ट्रेन के ड्राइवर और उसके सहायक की मौके पर ही मौत हो गई.
पेर्टसोवस्की के अनुसार, ड्रोन के खतरे को देखते हुए ट्रेन को स्टेशन पर रोका जा रहा था ताकि यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके. हालांकि, चालक दल को खुद को बचाने का समय नहीं मिल सका. राहत की बात यह रही कि ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं.
यूक्रेनी वायु सेना के मुताबिक, 13 अगस्त की रात रूस ने यूक्रेन पर करीब 133 'शाहेद' प्रकार के ड्रोनों से हमला बोला. हालांकि, यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 111 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया. ये ड्रोन हमले उत्तर, दक्षिण और पूर्वी यूक्रेन के 15 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज किए गए.
रूसी हमलों से यूक्रेन के कई इलाके दहल गए हैं. सबसे ज्यादा असर खेरसॉन में देखा गया, जहां रूसी सेना ने मुख्य शहर समेत 28 बस्तियों पर हमले किए. यहां 3 लोगों की मौत हुई है और 19 लोग घायल हुए हैं. पूर्वी प्रांत डोनेट्स्क में भी रूसी बमबारी में 2 नागरिकों की जान चली गई और 6 अन्य घायल हो गए. इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जापोरिज़िया में हुए एक हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई और 4 लोग जख्मी हुए हैं.इन हमलों की चपेट में मासूम बच्चे भी आए हैं.
खार्किव में एक 15 साल का लड़का और चेर्निहाइव में एक 10 साल की बच्ची घायल हुई है. वहीं, सुमी और निप्रोपेत्रोव्स्क इलाकों में करीब 10 ड्रोन और तोपखाने के हमलों में 5 लोग घायल हुए हैं. यूक्रेनी अधिकारियों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों पर 'लक्षित हमला' और 'दैनिक आतंक' कहा है. फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है.