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Russia Ukraine War: युद्ध विराम के लिए जेलेंस्की हुए सहमत, बाल्टिक देशों पर हमले का प्लान बना रहे पुतिन इसे मानेंगे? 

Russia Ukraine War Ceasefire: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को खत्म करना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकता है. जेलेंस्की सीजफायर के प्रस्ताव पर सहमत हैं और अब बारी पुतिन के मानने की है. 

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Russia Ukraine War: युद्ध विराम के लिए जेलेंस्की हुए सहमत, बाल्टिक देशों पर हमले का प्लान बना रहे पुतिन इसे मानेंगे? 

ट्रंप के प्रस्ताव पर जेलेंस्की सहमत अब रूस की बारी

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रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच 3 साल से ज्यादा वक्त से चल रहा युद्ध जल्द किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) यूक्रेन को समझौता करने के लिए दबाव बनाते रहे हैं. अब यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की युद्ध विराम के प्रस्ताव पर तैयार हो गए हैं. हालांकि, मुख्य चुनौती अभी भी रूस को मनाने की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप अब नाटो को सबक सिखाने के मूड में हैं. रूसी सेना बाल्टिक देशों पर हमले के लिए तैयारी करने में जुटी है. इसे देखते हुए यूरोपीय देशों ने इमर्जेंसी मीटिंग भी बुलाई है. अब देखना है कि ट्रंप अपने दोस्त पुतिन को कैसे राजी करते हैं.  

यूक्रेन तक रुकने का प्लान नहीं है रूस का 

इसी सप्ताह यूरोपीय मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्लादिमीर पुतिन की योजना सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं है. अभी वह बाल्टिक देशों तक हमले का प्लान बना रहे हैं और इसके लिए रूसी सेना ने तैयारी और अभ्यास भी शुरू कर दिया है. हालांकि, पुतिन ने ट्रंप के सत्ता में आने के बाद ही अमेरिका के लिए अपना नर्म रुख दिखाया है. उन्होंने रूस में मौजूद खनिज भंडार पर काम करने में वैश्विक सहयोग की बात कही थी. पुतिन ने कहा था कि अमेरिका और बाकी देश यहां निवेश कर सकते हैं. यूक्रेन ने फिलहाल 30 दिनों के लिए युद्ध विराम की सहमति दे दी है, लेकिन देखना यह है कि पुतिन अब इस समझौते के लिए तैयार होते हैं या नहीं. 


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डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था को मजबूत करना 

यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता के लिए डोनाल्ड ट्रंप का रुख हमेशा से सख्त रहा है. अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने कहा था कि अमेरिका को युद्ध में किसी तरह की भागीदारी से बचने की कोशिश करनी चाहिए. ट्रंप सत्ता संभालने के बाद से कह रहे हैं कि उनकी प्राथमिकता अमेरिकी बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटाना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. 


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