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Russia-Ukraine War: युद्ध खत्म करवाने के लिए अब चीन ने ली एंट्री, पुतिन से फोन पर की बात

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद में 24 फरवरी से युद्ध शुरू हुआ था. अब तक रूस का यूक्रेन के लगभग एक चौथाई हिस्से पर कब्जा हो चुका है.

Russia-Ukraine War: युद्ध खत्म करवाने के लिए अब चीन ने ली एंट्री, पुतिन से फोन पर की बात

पुतिन और शी चिनफिंग

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डीएनए हिंदी: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को अब सौ से भी ज्यादा दिन हो चुके हैं. कई कोशिशों और वार्ताओं के बावजूद यह युद्ध रोका नहीं जा सका है. अब इस मामले में चीन ने कोशिश शुरू की है. अभी तक चीन औपचारिक रूप से चीन का समर्थन करता दिख रहा था. अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में अहम भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है.

चीन ने क्या कहा है 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद यह प्रस्ताव पेश किया है.चीनी राष्ट्रपति ने कहा, 'समाधान की दिशा में सभी पक्षों को जिम्मेदार तरीके से काम करना चाहिए.हम विश्व में शांति स्थापित करने के पक्षधरहैं और इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं' य़ह जानकारी चीन के स्टेट ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के जरिए दी गई है. 

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पहले रूस की निंदा से किया था इनकार
चीन की रूस के साथ खासी घनिष्ठता है. अब तक चीन यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की निंदा करने से इंकार करता रहा है. बताया जा रहा है कि शी चिनफिंग का यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के युद्ध के शुरुआती दिनों में किए गए अनुरोधों के काफी बाद सामने आया है. रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद में 24 फरवरी से युद्ध शुरू हुआ था, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था. अब तक रूस का यूक्रेन के लगभग एक चौथाई हिस्से पर कब्जा हो चुका है.

कैसे रुकेगा युद्ध
अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि चीन यह मध्यस्थता किस स्तर पर और किस तरह निभाएगा. इस मामले में यूक्रेन से किसी स्तर पर बात की गई है या नहीं, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है. रूस के साथ चीन की जिस तरह की दोस्ती रही है, उसे देखते हुए मध्यस्थता की यह कोशिश संदेह के घेरे में भी आती है. यदि ऐसी कोई कोशिश होती भी है तो इसमें रूस के हितों का ज्यादा ध्यान रखा जाने की आशंका है. इसके अलावा सुपरपावर अमेरिकी चीन की मध्यस्थता के जरिए युद्ध विराम को शायद ज्यादा पसंद ना करे, ऐसे में देखना होगा कि चीन का यह प्रस्ताव कितना असली और प्रभावी सिद्ध होता है. 

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